अंबुजा सीमेंट्स का रिकॉर्डतोड़ मुनाफा! Q3 में 258% बढ़कर ₹3781 करोड़ हुआ, अदाणी समूह की कंपनी ने मचाया धमाल

अंबुजा सीमेंट्स का मुनाफा वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 258 प्रतिशत बढ़ा


अहमदाबाद, 30 जनवरी। अदाणी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए। अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 258 प्रतिशत बढ़कर 3,781 करोड़ रुपए हो गया है।

इस दौरान कंपनी की वॉल्यूम सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 18.9 मिलियन टन हो गई है, जो कि कंपनी द्वारा रिपोर्ट की गई अब तक की सबसे अधिक तिमाही वॉल्यूम है।

वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कंपनी की आया सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, तिमाही के दौरान ईबीआईटीडीए 53 प्रतिशत बढ़कर 1,353 करोड़ रुपए हो गया है।

अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी की नेटवर्थ 361 करोड़ रुपए बढ़कर 69,854 करोड़ रुपए हो गई है।

कंपनी कर्ज मुक्त बनी हुई है और क्रिसिल और केयर की ओर से कंपनी को उच्चतम एएए (स्टेबल)/ए1प्लस रेटिंग दी गई है।

कंपनी ने बताया कि उसके पास पूंजीगत खर्च करने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैश फ्लो मौजूद है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि दिसंबर तिमाही अंबुजा सीमेंट के लिए परिवर्तनकारी रही है। सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक एसीसी लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड का अंबुजा सीमेंट लिमिटेड में विलय की घोषणा है, जिससे एक एकीकृत 'वन सीमेंट प्लेटफॉर्म' का निर्माण हुआ है जो "हमारी विकास गति, परिचालन उत्कृष्टता, पूंजी दक्षता को गति देगा, हमारी नेतृत्व स्थिति को मजबूत करेगा और दीर्घकालिक मूल्य सृजन में योगदान देगा।"

अपनी विकास योजना के अनुरूप, कंपनी ने 2.4 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता की मारवाड़ ग्राइंडिंग यूनिट चालू की है, जिससे अंबुजा सीमेंट्स की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़कर 109 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई।

अंबुजा सीमेंट के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ विनोद बाहेती ने कहा, “हमने अब तक की सबसे अधिक तिमाही मात्रा हासिल की है, ट्रेड/प्रीमियम सीमेंट की बिक्री में वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप उद्योग के प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर लाभ हासिल करने में मदद मिली है।”

इस तिमाही में कंपनी ने 225 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र चालू किए हैं, जिससे कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 898 मेगावाट हो गई है।

अंबुजा सीमेंट की योजना इसे वित्त वर्ष 27 के अंत तक बढ़कर 1,122 मेगावाट करने की है।

बाहेती ने कहा,“लागत प्रबंधन में हमारी प्रगति के परिणामस्वरूप तीसरी तिमाही में बिक्री लागत में 2 प्रतिशत की वार्षिक गिरावट आई है (वित्त वर्ष 2026 के 9 महीनों में यह गिरावट 3 प्रतिशत थी)। इससे हमारी मौजूदा संपत्तियों ने तीसरी तिमाही में 850 रुपए प्रति मीट्रिक टन का ईबीआईटीडीए (पिछले 9 महीनों में 1,045 रुपए) और कुल मिलाकर तीसरी तिमाही में 718 रुपए प्रति मीट्रिक टन का ईबीआईटीडीए (पिछले 9 महीनों में 943 रुपए) अर्जित किया है। वन सीमेंट प्लेटफॉर्म हमें दक्षता और विकास के प्रयासों में तेजी लाने में मदद करेगा।”
 

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