नई दिल्ली, 30 जनवरी। दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी में हो रहा है। ऐसे में कई देशों के विदेश मंत्री आईएएफएमएम मीटिंग में शामिल होने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं।
कतर के विदेश राज्य मंत्री सुल्तान बिन साद अल मुरैखी का भारत में स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, "कतर के विदेश राज्य मंत्री सुल्तान बिन साद अल मुरैखी का नई दिल्ली में दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग में शामिल होने के लिए आने पर हार्दिक स्वागत है। उनके दौरे से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।"
लीबिया के विदेश मंत्री, एल्ताहर एस एम एलबौर और सोमालिया के विदेश मंत्री, अब्दिसलाम अली शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। लीबिया के विदेश मंत्री का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को बताया, “भारत-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग में उनकी भागीदारी और नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम हमारे द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में एक सकारात्मक गति बनाएंगे।”
इसके अलावा, सोमालियाई विदेश मंत्री अहमद मोअलिम फिकी भी भारत पहुंच चुके हैं। सोमालियाई विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, “उनकी यात्रा भारत और सोमालिया के बीच अच्छे द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करेगी।”
गुरुवार को लीग ऑफ अरब स्टेट्स (एलएएस) के महासचिव अहमद अबुल घीत दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग और उससे जुड़ी मीटिंग में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। एमईए ने मिस्र के राजनेता और डिप्लोमैट घीत का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, "लीग ऑफ अरब स्टेट्स के महासचिव अहमद अबुल घीत का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है, जो दूसरी इंडिया-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक और उससे जुड़ी मीटिंग्स के लिए नई दिल्ली आए हैं। अगले दो दिनों में होने वाली उच्च स्तरीय बैठकें सभी क्षेत्रों में एक मजबूत भारत-अरब साझेदारी के लिए साझा प्रतिबद्धता को दिखाती हैं।"
इससे पहले, कोमोरोस के विदेश मंत्री मबे मोहम्मद, फिलिस्तीन के विदेश मंत्री वारसेन अगाबेकियन शाहीन और सूडान के विदेश मंत्री मोहिएलदीन सलीम अहमद इब्राहिम भी गुरुवार को दूसरी इंडिया-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे।
भारत शनिवार को दूसरी आईएएफएमएम होस्ट करने वाला है। भारत और यूएई द्वारा होस्ट की जा रही इस मीटिंग में दूसरे अरब लीग सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव शामिल होंगे।
बता दें, आईएएफएमएम से पहले शुक्रवार को चौथी भारत-अरब सीनियर ऑफिशियल्स मीटिंग का आयोजन हो रहा है। दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक से मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने और साझेदारी को बढ़ाने की उम्मीद है।
खास बात यह है कि भारत-अरब विदेश मंत्रियों की मीटिंग 10 साल बाद हो रही है। इससे पहले यह मीटिंग पहली बार 2016 में बहरीन में हुई थी। पहली बैठक के दौरान, नेताओं ने सहयोग के पांच जरूरी मुद्दों- अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति, की पहचान की और इसमें कुछ गतिविधियों का प्रस्ताव रखा।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक इस साझेदारी को आगे बढ़ाने वाला सबसे बड़ा इंस्टीट्यूशनल सिस्टम है, जिसे मार्च 2002 में तब औपचारिक रूप दिया गया था जब भारत और एलएएस ने बातचीत की प्रक्रिया को इंस्टीट्यूशनल बनाने के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया था।"