झारखंड का विशाल बजट: सीएम सोरेन बोले, 1 लाख करोड़ पार होगा वार्षिक खर्च, हर वर्ग को मिलेगा लाभ

एक लाख करोड़ से अधिक का होगा झारखंड का सालाना बजट: सीएम हेमंत सोरेन


रांची, 29 जनवरी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड में वर्ष 2026-27 का बजट तैयार करने की प्रक्रिया में हमारा प्रयास है कि यह व्यापक, संतुलित, समावेशी और सतत विकास पर केंद्रित हो। बजट ऐसा हो, जिसकी बदौलत राज्य के हर वर्ग और क्षेत्र को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जा सके।

उन्‍होंंने कहा कि हमारी सरकार इस बात पर जोर देगी कि प्रस्तावित बजट युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके और जन आकांक्षाओं को भी प्रतिबिंबित करे।

मुख्यमंत्री गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में वित्त विभाग की ओर से आयोजित “बजट पूर्व संगोष्ठी-2026-27” को संबोधित कर रहे थे। सोरेन ने कहा कि आगामी बजट का आकार लगभग एक लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है और आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रह बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास जरूरी हैं, ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में संसाधनों की कमी न हो।

उन्होंने बजट निर्माण में आम लोगों की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरकार लगातार जनता से सुझाव ले रही है। लोगों की भागीदारी से ही एक संतुलित और विकास आधारित बजट तैयार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने हालिया दावोस और लंदन दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वहां से मिले अनुभवों के आधार पर राज्य में विकास की गति को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से हटकर नए रास्ते तलाश रही है, ऐसे में उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने वाला बजट तैयार करना समय की मांग है।

सीएम ने कहा कि झारखंड में संसाधनों और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जल, जंगल, खनिज संपदा, मानव संसाधन, श्रम बल, किसान और खिलाड़ी, हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। जरूरत है इन संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और उपयोग की।

उन्होंने कहा कि एक छोटा और पिछड़ा राज्य होने के बावजूद झारखंड देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहा है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, खेल और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ सरकार आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक संसाधनों के वैल्यू एडिशन पर जोर देते हुए कहा कि लाह और तसर जैसे उत्पादों के माध्यम से राज्य को अधिक लाभ मिल सकता है। साथ ही, आदिवासी बहुल राज्य होने के नाते जनजातीय परंपराओं को आगे बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि बजट को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों और आम लोगों से मिले सुझावों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वालों को सम्मानित भी किया गया। संगोष्ठी में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर सहित वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top