बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को दो लाख रुपए देने का काम शुरू: सीएम नीतीश कुमार

बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को दो लाख रुपए देने का काम शुरू: सीएम नीतीश कुमार


पटना, 29 जनवरी। बिहार में महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई योजना ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत चयनित लाभार्थियों को दो लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता देने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को खुद सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक की है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा कि हम लोगों ने राज्य की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ प्रारंभ की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके।

उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई है। अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डीबीटी के जरिए राशि अंतरित कर दी गई है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी।

सीएम ने आगे लिखा कि इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के छह माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने लिखा, "मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को दो लाख रुपए तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह राशि चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने हेतु सदुपयोग किया गया हो। अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी। "

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग को निर्देश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केटिंग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र, दीदी की रसोई इत्यादि। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,712
Messages
16,749
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top