भारतीय कार बाजार में SUV का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है और इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। देश में कभी SUV ट्रेंड शुरू करने वाली रेनॉल्ट डस्टर (Renault Duster) एक बार फिर वापसी के लिए तैयार है। लेकिन इस बार तैयारी साधारण नहीं है। कंपनी ने खुलासा किया है कि लॉन्च से पहले नई डस्टर को दुनिया के सबसे मुश्किल रास्तों पर 10 लाख किलोमीटर से ज्यादा चलाया गया है।
आइए जानते हैं कि नई डस्टर में ऐसा क्या खास है जो इसे क्रेटा और सेल्टॉस जैसी गाड़ियों के लिए बड़ा खतरा बना रहा है।
1. आग और बर्फ में तपकर निकली है नई डस्टर
अक्सर हम सुनते हैं कि गाड़ियाँ लॉन्च से पहले टेस्ट होती हैं, लेकिन रेनॉल्ट ने इसे एक अलग लेवल पर परखा है। कंपनी के मुताबिक, नई डस्टर की टेस्टिंग सिर्फ हाईवे पर नहीं, बल्कि एक्सट्रीम (चरम) हालातों में हुई है:- तापमान की परीक्षा: इसे -23 डिग्री की कड़ाके की ठंड से लेकर 55 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी तक में टेस्ट किया गया है।
- पहाड़ और पानी: लेह-लद्दाख की ऊँची पहाड़ियों से लेकर, धूल भरी सुरंगों (Dust Tunnel) और पानी से भरे रास्तों (Water Wading) तक, इस SUV ने हर जगह खुद को साबित किया है।
- ग्लोबल टेस्टिंग: इसकी 10 लाख किलोमीटर की टेस्टिंग ब्राजील, फ्रांस, रोमानिया और चीन जैसे अलग-अलग देशों के रास्तों पर की गई है।
2. भारत के लिए 'देसी' लेकिन प्रीमियम डिजाइन
रेनॉल्ट ने यह साफ कर दिया है कि भारत में आने वाली डस्टर, विदेशों में बिकने वाली डस्टर से थोड़ी अलग दिखेगी। इसे भारतीय ग्राहकों की पसंद के हिसाब से ज्यादा मस्क्युलर (Muscular) और भारी-भरकम लुक दिया गया है।- फ्रंट लुक: इसमें आगे की तरफ नई ग्रिल, पतली LED हेडलाइट्स और 'आइब्रो' शेप की DRLs (डे-टाइम रनिंग लाइट्स) मिलेंगी जो इसे काफी आक्रामक (Aggressive) लुक देती हैं।
- साइड प्रोफाइल: गाड़ी का साइड लुक बॉक्स जैसा (Square shape) है, जो इसे असली SUV वाला फील देता है। इसके पीछे के दरवाजे का हैंडल ऊपर पिलर (C-Pillar) पर दिया गया है, जो इसे मॉडर्न बनाता है।
- टायर्स: इसके टॉप मॉडल में बड़े 18-इंच के अलॉय व्हील्स दिए जाएंगे, जो खराब रास्तों पर भी अच्छी पकड़ देंगे।
3. अब डीजल नहीं, पेट्रोल की होगी पावर
अगर आप पुरानी डस्टर के डीजल इंजन के फैन थे, तो यहाँ एक बड़ा बदलाव है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई डस्टर सिर्फ पेट्रोल इंजन में आएगी। इसमें 1.3-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है।- यह इंजन लगभग 156hp की पावर जेनरेट करेगा, जो इसे हाइवे पर रॉकेट जैसी रफ़्तार देने में सक्षम है। यह वही इंजन है जो ग्लोबल मॉडल्स में अपनी ताकत का लोहा मनवा चुका है।
4. इन गाड़ियों की बढ़ाएगी मुश्किलें
मिड-साइज SUV सेगमेंट में अभी हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) और किआ सेल्टॉस (Kia Seltos) का राज है। नई रेनॉल्ट डस्टर सीधे तौर पर इन्हीं गाड़ियों को टक्कर देगी। इसके अलावा, इसका मुकाबला टाटा की आने वाली टाटा सिएरा (Tata Sierra), मारुति ग्रैंड विटारा और टोयोटा हाइराइडर से भी होगा।निष्कर्ष:10 लाख किलोमीटर की कड़ी टेस्टिंग और नए दमदार लुक्स के साथ रेनॉल्ट यह बता रही है कि वह भारतीय बाजार को लेकर कितनी गंभीर है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या नई डस्टर अपनी पुरानी विरासत को वापस लाकर भारतीय सड़कों पर फिर से राज कर पाएगी?