नई दिल्ली, 29 जनवरी। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कोच माइकल नोब्स का गुरुवार को 72 साल की उम्र में निधन हो गया। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व हॉकी स्टार नोब्स लंबे समय से बीमार थे। नोब्स ने भारत के अलावा, जापानी पुरुष हॉकी टीम के हेड कोच के तौर पर भी काम किया था।
नोब्स के परिवार में उनकी पत्नी ली कैप्स हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की पूर्व महिला हॉकी खिलाड़ी थीं, उनकी बेटी कैटलिन अभी ऑस्ट्रेलिया की महिला नेशनल टीम के लिए खेलती हैं।
माइकल नोब्स ने 1979 से 1985 के बीच 76 इंटरनेशनल मैच खेले। वह ऑस्ट्रेलियाई पुरुष हॉकी के एक सफल दौर का हिस्सा थे। नोब्स 1981 में बॉम्बे में हुए हॉकी वर्ल्ड कप और 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लेने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीमों का अहम हिस्सा रहे।
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को साल 2011 में ऐसे दौर में भारतीय पुरुष टीम का हेड कोच बनाया गया था, जब भारतीय हॉकी 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहने के बाद खराब दौर से गुजर रही थी।
माइकल नोब्स के मार्गदर्शन में, भारत ने ओलंपिक क्वालीफायर्स में उम्मीद दिखाई और 2012 लंदन ओलंपिक में जगह बनाई। हालांकि, उस समय भारतीय टीम अंतिम पायदान पर रही थी, जिसके कारण नोब्स को इस भूमिका से हटना पड़ा था।
भले ही लंदन ओलंपिक में भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, लेकिन जून 2011 से जुलाई 2023 के बीच बतौर हेड कोच नोब्स ने एक चुनौतीपूर्ण दौर में भारतीय हॉकी के उत्थान में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने फिटनेस स्टैंडर्ड और प्रोफेशनल अनुशासन को बेहतर बनाने के लिए खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम किया।
हॉकी ऑस्ट्रेलिया ने एक दिल को छू लेने वाले मैसेज के साथ पूर्व इंटरनेशनल खिलाड़ी को श्रद्धांजलि दी।
हॉकी ऑस्ट्रेलिया ने एक बयान में कहा, "हॉकी ऑस्ट्रेलिया माइकल के परिवार, दोस्तों, पूर्व टीम के साथियों, खिलाड़ियों और उन सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है, जिनकी जिंदगी और करियर हॉकी में उनके योगदान से बना। उन्हें एक सम्मानित प्रोफेशनल और खेल के सेवक के रूप में याद किया जाएगा।"
बतौर खिलाड़ी नोब्स ने एक डिफेंडर के तौर पर ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें निरंतरता और काम करने के तरीके के लिए जाने जाते थे।