तालिबान दमन से पीड़ित अफगानिस्तान को ऑस्ट्रेलिया ने दी 5 करोड़ डॉलर की मदद, महिला अधिकारों पर जताई चिंता

ऑस्ट्रेलिया ने अफगानिस्तान के लिए मानवीय सहायता की घोषणा की


कैनबरा, 29 जनवरी। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने अफगानिस्तान में बिगड़ती मानवीय स्थिति से निपटने के लिए 5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों पर तालिबान द्वारा किए जा रहे दमन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया महिलाओं के खिलाफ सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन संबंधी कन्वेंशन (सीडॉ) के उल्लंघन को लेकर अफगानिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ कानूनी कार्रवाई जारी रखे हुए है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में पेनी वोंग ने कहा, “अफगानिस्तान के लोग दुनिया के सबसे लंबे और गंभीर मानवीय संकटों में से एक का सामना कर रहे हैं, जिसे बुनियादी जरूरतें पूरी करने में तालिबान की विफलता ने और भी गंभीर बना दिया है। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई सरकार संयुक्त राष्ट्र के स्थापित साझेदारों के माध्यम से 5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगी।”

उन्होंने कहा, “हम तालिबान द्वारा महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ लगातार किए जा रहे दमन की निंदा करते हैं। तालिबान के शासन में सीडॉ के उल्लंघन को लेकर ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर कानूनी कार्रवाई जारी रखे हुए है।”

पेनी वोंग ने कहा कि अफगानिस्तान इस समय दुनिया के सबसे बड़े और लंबे समय से चले आ रहे मानवीय संकटों में से एक का सामना कर रहा है। देश में करीब 2.2 करोड़ लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है।

एक संयुक्त बयान में विदेश मंत्री पेनी वोंग और ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री ऐन एलि ने कहा, “तालिबान द्वारा महिलाओं और लड़कियों पर किए जा रहे दमन (जिसमें रोजगार, चिकित्सा सेवाओं, शिक्षा और सार्वजनिक जीवन तक पहुंच पर प्रतिबंध शामिल हैं) का सबसे अधिक असर उन्हीं पर पड़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया की मानवीय सहायता महिलाओं और लड़कियों पर केंद्रित है, जिसमें खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और गरिमा, सुरक्षा व अधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।”

बयान के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया संयुक्त राष्ट्र के साझेदारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहा है कि सहायता जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। यह मानवीय सहायता विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) और संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के अफगानिस्तान मानवीय कोष जैसे संगठनों के माध्यम से दी जाएगी।

पेनी वोंग ने कहा, “अफगानिस्तान में स्थिति बेहद गंभीर है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार महिलाओं और लड़कियों पर विशेष ध्यान के साथ अफगान जनता का समर्थन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि यह सहायता जान बचाने, पीड़ा कम करने और संकट से प्रभावित लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने मंगलवार को कहा कि अफगानिस्तान दुनिया के सबसे गंभीर बाल कुपोषण संकटों में से एक का सामना कर रहा है, जहां हर साल लगभग 37 लाख बच्चे गंभीर कुपोषण से प्रभावित होते हैं। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।

अफगानिस्तान में यूनिसेफ के प्रतिनिधि ताजुद्दीन ओयेवाले ने मंगलवार को कुपोषण की रोकथाम और उपचार से जुड़े दिशा-निर्देशों के शुभारंभ के दौरान इस संकट से निपटने की जरूरत पर जोर दिया। खामा प्रेस के अनुसार, अफगानिस्तान में 2021 के बाद से आर्थिक पतन, सूखा और मानवीय सहायता की कमी के चलते कुपोषण संकट और गहराता गया है।

विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार, अफगानिस्तान के 90 प्रतिशत से अधिक परिवार पर्याप्त भोजन खरीदने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण बच्चों को भूख और कुपोषण से स्थायी विकासात्मक नुकसान का खतरा है।
 

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