लेह में और मजबूत हुआ विमानन का बुनियादी ढांचा, आपदा राहत में बड़ी मदद

लेह में और मजबूत हुआ विमानन का बुनियादी ढांचा, आपदा राहत में बड़ी मदद


नई दिल्ली, 29 जनवरी। लेह के बेहद चुनौतीपूर्ण व ऊंचाई वाले क्षेत्र में रनवे इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना पूरी की गई है। इससे ग्राउंड पर विमानों की जमीनी आवाजाही को आसान व सुरक्षित बनाया जा सकेगा। वहीं, लेह से नागरिक उड़ानों का प्रस्थान भी तेज होगा।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यहां अपग्रेड किए गए रनवे और हवाई अड्डा सुविधाओं से नागरिक उड्डयन सुविधाओं में इजाफा होगा। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि एयर फोर्स स्टेशन लेह में नागर विमानन बुनियादी ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से एक परियोजना का उद्घाटन किया गया है। बेहद चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले क्षेत्र और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद बुनियादी ढांचे का रिकॉर्ड समय में उन्नयन किया गया है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि विकसित किया गया बुनियादी ढांचा विमानों की जमीनी आवाजाही को आसान बनाने के साथ-साथ नागरिक उड़ानों के प्रस्थान को तेज करेगा। इन सुधारों से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी। बेहतर वायु संपर्क लेह क्षेत्र में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक अवसरों का सृजन करेगा। यह स्थानीय आजीविका को बेहतर करने में भी मदद करेगा। साथ ही, बेहतर उपलब्ध कराई गईं सुविधाएं स्थानीय निवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए अधिक विश्वसनीय हवाई सेवाएं सुनिश्चित करेंगी। लेह में इस विमानन बुनियादी ढांचे के विकसित होने के कारण मानवीय सहायता और आपदा राहत में भी मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही लद्दाख की बर्फ से ढकी खतरनाक चोटियों पर दो विदेशी नागरिकों के फंसने का एक गंभीर मामला सामने आया था। अक्टूबर महीने में यहां लद्दाख में दो कोरियाई नागरिक 17 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाली चोटी पर फंस गए थे। इस घटना का पता लगने पर बिना देरी किए रात के गुप अंधेरे में ही एक अत्यंत संवेदनशील व साहसिक ऑपरेशन चलाया गया। कड़ी मेहनत के बाद दोनों विदेशी नागरिकों को बचा लिया गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें तुरंत व आवश्यक उपचार मिल सका।

इसी तरह, भारतीय वायुसेना ने लद्दाख में गंभीर रूप से बीमार एक व्यक्ति को सही समय पर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। बीमार व्यक्ति को अविलंब एयरलिफ्ट किया गया और चिकित्सा सहायता के लिए दिल्ली लाया गया। वायुसेना के इस मिशन का उद्देश्य एक 38 वर्षीय लद्दाखी नागरिक को, जो गंभीर स्थिति में था, लेह से दिल्ली पहुंचाकर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। अब ऐसी आपातकालीन आवश्यकताओं पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षेत्र की क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।

यह विकास लद्दाख के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास में सार्थक योगदान देगा। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि लद्दाख में नागर विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सभी एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
 
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