यूपी: बीजेपी को बड़ा झटका! UGC नियमों पर सवर्णों में रोष, बुलंदशहर में 10 बूथ अध्यक्षों का इस्तीफा

यूपी : यूजीसी को लेकर बुलंदशहर में भाजपा के 10 बूथ अध्यक्षों ने सामूहिक इस्तीफा दिया


बुलंदशहर, 28 जनवरी। बुलंदशहर में भाजपा के 10 बूथ अध्यक्षों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे का मुख्य कारण यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) द्वारा हाल ही में अधिसूचित 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026' है, जिसे सवर्ण समाज में भारी रोष का कारण बताया जा रहा है।

खुर्जा के मुरारी नगर शक्ति केंद्र से जुड़े ये बूथ अध्यक्ष विनय कुमार गुप्ता (बूथ 268), राजवीर सिंह (261), पुरुषोत्तम चौहान (269), चंद्रशेखर शर्मा (270), नीरज कुमार (202), प्रवीण राधव (271), मुकेश कुमार (272), शिवेंद्र चौहान (263) और सतेंद्र चौहान (274) ने 28 जनवरी 2026 को इस्तीफा पत्र सौंपा। पत्र में लिखा है कि सवर्ण समाज हमेशा से भाजपा का कट्टर समर्थक रहा है, लेकिन यूजीसी के नए नियमों से सवर्ण समाज में भारी रोष व्याप्त है। इसे सवर्णों को अत्याचारी और शोषक बताने वाला कानून करार दिया गया है, जिससे पार्टी की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना असंभव हो गया है।

इस्तीफा पत्र में कहा गया, "सरकार द्वारा बनाए गए यूजीसी ड्राफ्ट के कारण सवर्ण समाज में भारी रोष व्याप्त है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सवर्ण समाज हमेशा से अत्याचारी और शोषण करने वाला रहा है। इस प्रकार के कानून से सवर्ण समाज में भारी रोष है और हमें भाजपा के कार्य और योजनाओं के बारे में जन-जन तक पहुंचाने में भारी रोष का सामना करना पड़ रहा है।"

उन्होंने मांग की कि अगर यूजीसी कानून वापस नहीं लिया गया तो उन्हें बूथ अध्यक्ष पद के साथ पूरी बूथ समिति से मुक्त कर दिया जाए। इस्तीफे की कॉपी सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई है।

यह इस्तीफा उत्तर प्रदेश में यूजीसी नियमों के खिलाफ बढ़ते विरोध का हिस्सा है। यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को ये नियम अधिसूचित किए, जो उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए इक्विटी कमिटी, हेल्पलाइन, मॉनिटरिंग टीम और शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना अनिवार्य करते हैं। नियम मुख्य रूप से एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के खिलाफ भेदभाव पर फोकस करते हैं, जिससे जनरल कैटेगरी के छात्रों और समर्थकों में यह आशंका है कि यह एकतरफा है और सवर्ण छात्रों को सुरक्षा नहीं मिलेगी, या फर्जी शिकायतों का दुरुपयोग हो सकता है।

यूपी में कई जिलों जैसे पीलीभीत, सहारनपुर, फिरोजाबाद, बागपत, रायबरेली, लखनऊ आदि में भाजपा पदाधिकारियों, बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे दिए हैं। सवर्ण संगठनों ने प्रदर्शन किए, कुछ जगहों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल हुईं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि नियमों का दुरुपयोग नहीं होगा और वे संविधान के दायरे में रहेंगे।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
9,226
Messages
9,261
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top