पुणे, 28 जनवरी। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने दुख जताते हुए कहा कि उनके निधन से महाराष्ट्र को बहुत बड़ा झटका लगा है। पुणे जिले में उन्होंने बहुत अच्छा काम किया था।
पुणे में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि अजित दादा के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध थे। उनका विजन था कि विकास होना चाहिए, इसीलिए वह महायुति में शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि अजित पवार राजनीति के एक ऐसे ‘पावरफुल’ नेता थे, जिनके शब्दों में वजन और फैसलों में धार होती थी। दादा की प्रशासनिक पकड़ और समय की पाबंदी सभी के लिए एक आदर्श थी। जो मन में होता, वही बेझिझक सामने कह देते थे। ऐसे नेता का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के एक तेज और प्रभावशाली युग का अंत है। महाराष्ट्र हमेशा से प्रगतिशील विचारधारा का गढ़ रहा है, और आज इस गढ़ का एक मजबूत बुर्ज़ ढह गया।
दादा ने हमेशा दलितों, मेहनतकशों और वंचितों के सवालों पर अपनी ठोस और स्पष्ट भूमिका रखी। सत्ता में हों या विपक्ष में, उनका कहा हुआ शब्द अंतिम माना जाता था। उनके कार्य और योगदान की विरासत को महाराष्ट्र कभी भुला नहीं पाएगा।
डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि देखिए, इस मामले की जांच तो होनी ही चाहिए। कोई इसकी मांग करे या न करे, इतनी बड़ी घटना हुई है। पुलिस जांच करेगी। डीजीसीए जांच करेगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी जांच करेगी कि यह कैसे हुआ।
अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब देखते हैं क्या होता है। असल में, जब एक भी कार्यकर्ता पार्टी छोड़ता है, तो उसका असर पार्टी पर पड़ता है, और ये तो हमारी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट और डिप्टी चीफ मिनिस्टर थे।
उन्होंने कहा कि अजित दादा जैसे बहादुर लीडर का अचानक जाना पूरे महाराष्ट्र के लिए शॉकिंग है। मैंने तो क्या, महाराष्ट्र में किसी और ने भी नहीं सोचा था कि उनके जैसे नेक, हमेशा मुस्कुराते रहने वाले और जिंदादिल इंसान के अचानक जाने की खबर कभी हमारे कानों तक पहुंचेगी, लेकिन बदकिस्मती से आज इस सच्चाई को मानना मुश्किल समय है। पर्सनली, मेरे लिए इससे उबरना बहुत मुश्किल होगा।