कोलकाता, 28 जनवरी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की आड़ में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की साजिश रची जा रही है।
इस मामले में केंद्र से जवाबदेही की मांग करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वह व्यक्तिगत रूप से अदालत का रुख करेंगी। वह हुगली के सिंगूर में एक जनसभा को संबोधित कर रही थीं।
सीएम ने दावा किया कि इस साजिश का लगभग 140 लोग शिकार हो चुके हैं।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा, "अगर लोगों के मतदान के अधिकार को छीना जाएगा तो मैं चुप नहीं रहूंगी। जरूरत पड़ने पर मैं अदालत जाऊंगी और उनका विरोध करूंगी। अगर अनुमति मिली तो मैं लोगों के अधिकारों के लिए लडूंगी, वकील के तौर पर नहीं बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर। मेरे पास (एसआईआर से संबंधित) सभी दस्तावेज और सबूत हैं। मैंने उन्हें सुरक्षित रखा है। मतदाता सूची में जीवित लोगों को मृत दिखाया गया है।"
उन्होंने कहा, "ये लोग सिंगूर आकर टेलीप्रॉम्प्टर से पढ़कर कहते हैं कि मैं बंगाल के लिए ये करूंगा। चार साल से इन्होंने बंगाल में आवास परियोजनाओं के लिए पैसा नहीं दिया है। सड़कों के निर्माण के लिए भी पैसा नहीं दिया है।"
सीएम बनर्जी ने कहा, "मुझे जेल में डालो या गोली मार दो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर आप मुझे जेल में डालते हैं तो माताएं-बहनें और किसान प्रतिक्रिया देंगी।"
इसी बीच, उन्होंने कहा, "सिंगूर मेरी सबसे पसंदीदा जगह है। मैंने इस भूमि पर लंबा समय बिताया है। मैंने किसानों को उनकी जमीन वापस देने का वादा किया था और मैंने उसे पूरा किया है। सिंगूर की मिट्टी ने मुझे विजय दिलाई।"
इस दौरान मुख्यमंत्री बनर्जी ने घोषणा की कि सिंगूर में 8 एकड़ भूमि पर एक 'कृषि औद्योगिक पार्क' बनाया जाएगा, जहां कृषि और उद्योग साथ-साथ संचालित होंगे। उन्होंने कहा, "ऑनलाइन विक्रेता अमेजन और फ्लिपकार्ट सिंगूर में बड़े गोदाम बना रहे हैं। 77 एकड़ भूमि पर एक निजी औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा।"
आनंदपुर गोदामों में लगी आग की घटना के पीड़ितों के परिजनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने मृतकों के परिवार के सदस्यों के लिए नौकरियों की घोषणा की।
सीएम ममता बनर्जी ने कहा, "हाल ही में एक निजी कंपनी में काम करते हुए हमारे कुछ दोस्तों की मृत्यु हो गई। हम मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दे रहे हैं। मोमो कंपनी और डेकोरेटर्स कंपनी 5-5 लाख रुपए का मुआवजा दे रही हैं। मैंने पुलिस को निर्देश दिया है कि प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। उन्हें नागरिक स्वयंसेवक के रूप में काम दिया जाएगा।"