ISRO की जांच से सबरीमाला स्वर्ण चोरी का चौंकाने वाला खुलासा, पैनल नहीं बदले, बस सोने की परत उतारी

इसरो की जांच में बड़ा खुलासा, सबरीमाला में तांबे की प्लेट पर चढ़ी सोने की परत को उतारा गया


तिरुवनंतपुरम, 28 जनवरी। सबरीमाला सोने की चोरी मामले में नई वैज्ञानिक जांच से बड़ा खुलासा हुआ है। विशेषज्ञों ने साफ किया कि मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे के पैनल बदले नहीं गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इस चोरी में ठोस सोना नहीं, बल्कि तांबे की प्लेट पर चढ़ी सोने की परत को उतारा गया था।

ये निष्कर्ष स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को सौंपे गए और बुधवार को केरल हाईकोर्ट में पेश किए गए। इससे गर्भगृह के फिक्स्चर बदलने या उन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह को सौंपे जाने की अटकलें खारिज हो गई हैं।

विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के वैज्ञानिकों ने सामग्री की गहन जांच की। उन्होंने बताया कि सबरीमाला में लगे दरवाजे के पैनल वही मूल तांबे की शीट हैं, जिन्हें बदला नहीं गया है। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि चोरी किया गया हिस्सा तांबे की शीट पर चढ़ी सोने की परत थी, न कि ठोस सोने के पैनल, जैसा कि पहले माना जा रहा था।

वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि गर्भगृह के दरवाजे का लकड़ी का फ्रेम, जिसे स्थानीय भाषा में ‘कट्टिल’ कहा जाता है, वह भी पूरी तरह मूल है। हालांकि, जिन शीट्स को हटाकर बाद में दोबारा लगाया गया था, उनके सैंपल में सोने की मात्रा काफी कम पाई गई। इससे साफ होता है कि सोने की परत को निकाल लिया गया था, जबकि नीचे का तांबा ज्यों का त्यों रहा।

पैनल में दिखाई देने वाले बदलावों को लेकर वैज्ञानिकों ने कहा कि ये बदलाव किसी नई शीट लगाने की वजह से नहीं, बल्कि रासायनिक प्रतिक्रिया (केमिकल रिएक्शन) के कारण हुए थे। वैज्ञानिकों के अनुसार, सोना निकालने की प्रक्रिया में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले पारे और उससे जुड़े रासायनिक घोलों के कारण चादरों की रासायनिक बनावट में बदलाव आया। इसी वजह से उनकी सतह पर परिवर्तन दिखाई दिए।

हालांकि, वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि असली चादरों को हटाकर उनकी जगह नई चादरें लगाई गई थीं। एसआईटी ने हाई कोर्ट को बताया कि मामले की जांच जारी है। इसमें पुराने गर्भगृह के दरवाजे से लिए गए सैंपलों की तुलनात्मक जांच भी शामिल है।

विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के अधिकारियों ने कहा कि इन तुलनात्मक जांच के नतीजों को शामिल करते हुए एक विस्तृत अंतिम रिपोर्ट जल्द ही जमा की जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि वैज्ञानिकों की यह गवाही जांच की दिशा तय करने में अहम साबित होगी। इससे जांच सोने की चोरी के तरीकों पर केंद्रित होगी और उन लोगों की पहचान की जा सकेगी जिन्होंने गर्भगृह के मुख्य ढांचे को बदले बिना रासायनिक तरीके से सोना निकाला।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top