नोएडा, 28 जनवरी। राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने यूजीसी के नए नियम पर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर कहा कि यूजीसी की यह नई गाइडलाइंस पूरी तरह से असंवैधानिक है। इसे वापस लिया जाना चाहिए।
आईएएनएस से बातचीत में पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि नई गाइडलाइंस में जो कहा गया है, वह एससी और एसटी के बीच असमानता पैदा कर सकता है। पहले 2012 में जारी गाइडलाइंस में केवल एससी और एसटी शामिल थे। अब इसमें ओबीसी को भी जोड़ा गया है। अलग-अलग जातियों के आधार पर ऐसा करना सही नहीं होगा। सभी को समान अधिकार मिलने चाहिए, किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झूठी शिकायतों पर भी दंड का प्रावधान होना चाहिए, जो अभी नहीं है। इसलिए जो झूठी शिकायतें की जाती हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। शिकायत निवारण समिति में भी समय-सीमा तय होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस नए नियम को वापस लेना ही उचित होगा। विश्वविद्यालयों में सभी छात्र समान हैं, जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। जातिगत भेदभाव के नाम पर छात्रों को जातियों में बांटना ठीक नहीं होगा।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में दुखद मौत पर राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम इस हादसे में नहीं बचे। उनका प्लेन क्रैश हो गया और उस हादसे में उनकी मौत हो गई। वे जनता के बीच बहुत लोकप्रिय थे। वे दुनियाभर के लोगों से मिलते थे। लोग उन्हें अपना मित्र और अभिभावक मानते थे। आम जनता में वे सर्वाधिक लोकप्रिय थे। उन्होंने जनता के हित में लगातार काम किया है। यह ऐसी क्षति है, जिसे जल्दी पूरा नहीं किया जा सकता। मैं उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता अजित पवार के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों एवं समर्थकों के साथ हैं।