सूरत, 28 जनवरी। भारत-यूरोपीय संघ एफटीए सही समय पर उठाया गया कदम है। इससे रत्न और आभूषण इंडस्ट्री को बड़े स्तर पर फायदा होगा। यह जानकारी इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों की ओर से बुधवार को दी गई।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए सूरत डायमंड एसोसिएशन के प्रमुख जगदीश खूंट ने कहा कि यह समझौता देश की रत्न और आभूषण के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे यूरोपीय बाजार में भारत के रत्न और आभूषण पर टैक्स घटकर 0 से 3 प्रतिशत हो गया है, जो कि पहले 10 प्रतिशत था। साथ ही उन्होंने इसे सही समय पर उठाया गया कदम बताया।
इंडियन डायमंड इंस्टीट्यूट के चेयरमैन दिनेश नावड़िया ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ भारत का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) रत्न और आभूषण इंडस्ट्री के लिए बूस्टर डोज का काम करेगा। मौजूदा समय में इंडस्ट्री की ओर से यूरोप को 91,000 करोड़ रुपए का निर्यात किया जा रहा है और आने वाले वर्षों में एफटीए के कारण इसमें 20 प्रतिशत का उछाल आने की संभावना है।
मेरिल ग्रप ऑफ कंपनिज में ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर के अध्यक्ष डॉ.वैभव गर्ग ने समाचार एजेंसी को कहा कि जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह मदर ऑफ ऑल डील्स है। एफटीए सामने आने बाद यह कथन सच साबित हो रहा है। इससे भारतीय कंपनियों को ईयू में रहने वाले 50 करोड़ लोगों का हाई-वैल्यू मार्केट मिला है। यह भारत की मेडिकल डिवाइस सेक्टर के लिए एक बड़ा अवसर है।
उन्होंने आगे कहा कि इससे देश की मेडटेक कंपनियों को ईयू के 27 देशों के बाजारों तक पहुंच मिलेगी। इससे भारत के निर्यात को बढ़ाने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया के लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी।
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच एफटीए का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है।