लखनऊ, 28 जनवरी। उत्तर प्रदेश में परिषदीय शिक्षा अब केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा तक सीमित नहीं रही है, बल्कि बच्चों के आत्मसम्मान, जीवन कौशल और व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इसी सोच को ठोस आकार देते हुए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 186.60 लाख रुपए की स्वीकृत धनराशि के साथ ‘प्रगति-स्वाभिमान और सफलता की ओर-2.0’ बाल उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
इसके माध्यम से जनपद से लेकर राज्य स्तर तक बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का मंच मिलेगा। यह बाल उत्सव प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड 2025-26 के अंतर्गत राज्य स्तरीय एमएमएमईआर मद से आयोजित किया जा रहा है। अब शिक्षा को केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रखकर बच्चों के भीतर संवाद क्षमता, रचनात्मक सोच, नेतृत्व गुण और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करने का प्रयास हो रहा है।
बता दें कि इस पहल के माध्यम से विद्यालय केवल अध्ययन केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशालाओं के रूप में उभरेंगे। बच्चों में आत्मसम्मान और स्वाभिमान की भावना को सुदृढ़ करना उद्देश्य है। कार्यक्रम के दौरान बच्चे अपने अनुभव, सपने और विचार साझा करेंगे, जिससे उनमें अपनी बात निर्भीकता से रखने का आत्मविश्वास विकसित होगा। टीमवर्क, समस्या समाधान और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ी गतिविधियां बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगी।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि ‘प्रगति-स्वाभिमान और सफलता की ओर-2.0’ बाल उत्सव के माध्यम से हम शिक्षा को किताबों से आगे ले जाकर बच्चों के आत्मसम्मान, जीवन कौशल और व्यक्तित्व निर्माण से जोड़ रहे हैं। यह पहल परिषदीय शिक्षा को आत्मविश्वासी नागरिक गढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ‘प्रगति-स्वाभिमान और सफलता की ओर-2.0’ बाल उत्सव का आयोजन तीन स्तरों क्रमशः जनपद, मंडल और राज्य पर किया जाएगा, ताकि हर प्रतिभाशाली बच्चे को समान अवसर मिल सके। जनपद स्तर पर बाल उत्सव का आयोजन 27 से 31 जनवरी 2026 के मध्य किया जा रहा है, जिसमें परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों के छात्र-छात्राएं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसके उपरांत 6 से 12 फरवरी 2026 के बीच मंडल स्तर पर चयनित प्रतिभाओं को और व्यापक मंच प्रदान किया जाएगा। जनपद एवं मंडल स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को राज्य स्तर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा, जहां प्रदेश की श्रेष्ठ बाल प्रतिभाएं एक मंच पर दिखाई देंगी। जनपद और मंडल स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बालिका शिक्षा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों एवं सहयोगियों को भी सम्मानित किया जाएगा, जिससे शिक्षा से जुड़े सकारात्मक प्रयासों को नई प्रेरणा मिले।
इस आयोजन में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं का चयन पारदर्शी और चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर गठित नोडल टीमें, मास्टर ट्रेनर तथा प्रमाणित शिक्षक बच्चों की पहचान एवं मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चयनित बच्चों को आवश्यकतानुसार ऑनलाइन मार्गदर्शन एवं अभ्यास सत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि यह बाल उत्सव बच्चों को अपनी बात कहने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, ताकि प्रत्येक प्रतिभा को समान मंच मिल सके। उन्होंने कहा कि केजीबीवी की छात्राओं की सक्रिय भागीदारी इस बाल उत्सव की विशेष पहचान होगी। उनकी प्रस्तुतियां यह संदेश देंगी कि बेटियां शिक्षा के बल पर आत्मनिर्भर बनकर नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। बालिका शिक्षा और समान अवसर का भाव इस आयोजन की आत्मा में समाहित रहेगा।