नई दिल्ली, 28 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को नई दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) रैली में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित किया।
उन्होंने समारोह में मौजूद सभी कैडेट्स, जिनमें विभिन्न मित्र देशों से आए कैडेट्स भी शामिल रहे, और अधिकारियों का अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा, "इस बार यहां पर बहुत बड़ी संख्या में महिला कैडेट्स भी आई हैं। मैं उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं। एनसीसी एक ऐसा संगठन और आंदोलन है, जो भारत की युवा शक्ति को आत्मविश्वासी, अनुशासित, संवेदनशील और राष्ट्र के लिए समर्पित नागरिक बनाता है। आप सभी हर साल अपनी भूमिका को और सशक्त कर रहे हैं। बीते वर्षों में एनसीसी कैडेट्स की संख्या 14 लाख से बढ़कर 20 लाख हो चुकी है। खासकर हमारे बॉर्डर एरिया और कोस्टल एरिया में एनसीसी कैडेट्स की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।"
उन्होंने कहा, "एनसीसी युवाओं का मंच है। इस मंच पर अपनी विरासत को भी गौरव के साथ जिया जाता है। एनसीसी ने इस वर्ष वंदे मातरम के 150 वर्ष होने का उत्सव पूरे जोश से मनाया। अपने देश के कोने-कोने में इससे जुड़े कार्यक्रम किए हैं। परमवीर सागर यात्रा भी इसी का उत्तम उदाहरण है। आप सभी जानते हैं कि कुछ साल पहले सरकार ने अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों को अपने परमवीर चक्र विजेताओं के नाम दिए थे। इसके पीछे राष्ट्रनायकों को सम्मान देने का जो भाव था, उसे आपने आगे बढ़ाया।"
उन्होंने कहा, "इसी तरह लक्षद्वीप में द्वीप उत्सव के माध्यम से सागर, संस्कृति और प्रकृति, सभी को एकसाथ मनाया गया। एनसीसी ने इतिहास को स्मारकों से निकालकर जन-जन के हृदय में जीवंत बनाया है। आपने बाजीराव पेशवा की वीरता, महायोद्धा लसीतफॉर फुंकजी की कुशलता, और भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व को अपनी साइकिल रैली के माध्यम से जनचेतना जगाने का काम किया। आपके इस साहसपूर्ण कार्य के लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत सराहना करता हूं। आज जिन साथियों को सम्मान मिला है, मैं उन्हें भी शुभकामनाएं देता हूं।"
पीएम मोदी ने कहा, "मैंने लालकिले से कहा था कि यही समय है, सही समय है। हमारे देश के युवाओं के लिए आज का यह समय सबसे ज्यादा अवसरों का समय है। सरकार का प्रयास है कि इस कालखंड का अधिक से अधिक लाभ हमारे युवाओं को मिले। इसका एक उदाहरण आपने कल ही देखा है। भारत और यूरोप के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बनी है। इससे पहले ओमान, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और मारीशस जैसे देशों के साथ भी भारत ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। ये सभी एग्रीमेंट हमारे लाखों-करोड़ों युवाओं के लिए नए अवसर बनाने वाले हैं।"