विमानों ने भरी उड़ान! 10 साल में हुए दोगुने, अब भारत बनेगा विमान मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक हब: नायडू

देश में विमानों की संख्या बीते 10 वर्षों में दोगुनी हुई, अब मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने में फोकस करेगा भारत: राम मोहन नायडू


हैदराबाद, 28 जनवरी। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को कहा कि भारत में बीते 10 वर्षों में एयरपोर्ट्स और विमानों की संख्या बीते 10 वर्षों में दोगुनी हो गई है और अब भारत विमानों के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद करेगा।

उन्होंने हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर नागरिक विमान सम्मेलन 'विंग्स इंडिया 2026' का उद्घाटन करते हुए मीडिया के लोगों के बातचीत करते हुए कहा कि इस इकोसिस्टम को अगले 10-20 वर्षों में केवल घरेलू मांग को पूरा करने के लिए ही विकसित नहीं किया जाएगा, बल्कि भारत को वैश्विक निर्यात का भी केंद्र बनाया जाएगा

नायडू ने आगे कहा कि इस बार के 'विंग्स इंडिया 2026' में भारत नागरिक विमानन क्षेत्र विशेषकर मैन्युफैक्चरिंग में अपनी क्षमता प्रदर्शित करेगा।

केंद्रीय ने आगे कहा कि देश में एयरपोर्ट्स, यात्रियों और विमानों की संख्या बीते 10 वर्षों में दोगुनी हो गई है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नागर विमानन क्षेत्र के लिए लाई गई केंद्र सरकार की योजना 'उड़ान' का परिणाम है।

नायडू ने आगे बताया कि देश में नागरिक विमानों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए मंगलवार को ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर और अदाणी एयरोस्पेस के बीच करार हुआ है।

उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियां साथ मिलकर देश में मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करना चाहती है। यह नया भारत है जो कि एविएशन क्षेत्र में एक भरोसेमंद साझेदार बनकर उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि एम्ब्रेयर-अदाणी एयरोस्पेस सहयोग की समयसीमा अगले महीने तय की जाएगी, जब ब्राजील के राष्ट्रपति भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।

मंत्री नायडू को अगले दो वर्षों में एविएशन मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अच्छी प्रगति की उम्मीद है।

विमानों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए राम मोहन नायडू ने बोइंग 787-9 विमान का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, “यह विमान विशेष रूप से एयर इंडिया के लिए तैयार किया गया है और यह पहली डिलीवरी है।”

उन्होंने बताया कि विमानन उद्योग में प्रमुख बाधाओं में से एक विमानों की उपलब्धता है। उन्होंने कहा, “बोइंग और एयरबस को कई ऑर्डर दिए गए हैं। डिलीवरी इसी साल शुरू हुई है। हमें विश्वास है कि आने वाले वर्ष में भारतीय यात्रियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए इन विमानों की डिलीवरी से विमानन क्षेत्र को काफी भरोसा मिलेगा।”

मंत्री ने बताया कि एयरबस और बोइंग पहले से ही भारत से दो अरब डॉलर तक के पुर्जे खरीद रहे हैं। देश में कई मैन्युफैक्चरिंग सेंटर विकसित हो रहे हैं।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
9,083
Messages
9,115
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top