भोपाल, 28 जनवरी। देश के सबसे साफ-सुथरे शहर और मध्य प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी पीने से हो रही मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सभी को साफ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर में 29वीं मौत का जिक्र करते हुए कहा कि क्या मध्य प्रदेश को शमशान बनाना चाहती है भाजपा सरकार? इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 29वीं मौत हो चुकी है, लेकिन भाजपा सरकार आज भी झूठे दावों और कागजी रिपोर्टों में उलझी है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि नाले जैसे गंदे पानी को 'शुद्ध' बताकर जनता को ठगा जा रहा है। जमीन पर लाशें गिर रही हैं और प्रदेश के मुखिया आंकड़ों में अटके हैं, जिम्मेदार मंत्री गायब हैं। टूटते-बिखरते परिवारों की जिम्मेदारी क्या सरकार लेगी या फिर झूठ ही परोसा जाएगा? इतनी मौतों के बाद भी जो सरकार निर्लज्ज बनी रहे, उससे ज्यादा असंवेदनशील कुछ नहीं।
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने मांग की है कि भाजपा सरकार तुरंत साफ पेयजल की ठोस व्यवस्था करे और इस जलहत्याकांड की जिम्मेदारी ले।
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ गए थे, उनमें से गंभीर लोगों की लगातार मौत हो रही है। इस मामले में सरकार ने भी कार्रवाई की है और जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया गया है, साथ ही उनके तबादले भी किए गए हैं।
राज्य सरकार की ओर से लगातार दावा किया जा रहा है कि लोगों को साफ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष गंदे पानी की आपूर्ति का आरोप लगा रहा है।
इंदौर के भागीरथपुरा का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी दौरा कर चुके हैं। दूसरी ओर उच्च न्यायालय ने भी इस मामले में सरकार को दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है और आम लोगों को साफ तथा शुद्ध पेयजल मिले, इसके प्रबंध किए जा रहे हैं।