नई दिल्ली, 27 जनवरी। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उस फैसले को तुगलगी फरमान बताया है, जिसमें बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर के अलावा कमेटी के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी चल रही है।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मैंने वेद, उपनिषद, गीता और रामायण पढ़ी हैं। किसी भी धार्मिक ग्रंथ में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि कोई मुसलमान मंदिर या पवित्र जगह में नहीं जा सकता या कोई सिख या ईसाई वहां नहीं जा सकता। यह कहीं नहीं लिखा है। अगर आप सनातन धर्म को मानते हैं तो आपको उसके ग्रंथों, वेदों, गीता, रामायण का पालन करना चाहिए। ये ग्रंथ सभी के लिए प्यार और दया सिखाते हैं। ये सभी के प्रति प्यार और सम्मान दिखाने की बात करते हैं। आप उन लोगों को मना करना चाहते हैं जो छोटी सी दुकान लगाकार अपना रोजगार चलाते हैं, मुसलमान चार धाम की यात्रा पर नहीं जाता है। मस्जिदों में हिन्दुओं के जाने पर कोई रोक नहीं है। यह सिर्फ तुगलगी फरमान है। मुगलों और अंग्रेजों ने जो किया, वही किया जा रहा है।
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुझे एक बात समझ नहीं आती। जब हम सफर कर रहे होते हैं और नमाज का टाइम होता है, तो हम मंदिर जाकर पुजारी से बात करते हैं और कहते हैं कि हमें नमाज पढ़नी है। हमें वहां जगह, पानी और साफ कपड़ा भी दिया जाता है, कोई दिक्कत नहीं होती। इसी तरह, अगर कोई मुसाफिर मस्जिद में आता है और कहता है कि उसे भूख लगी है और खाना चाहिए, तो क्या कोई मुसलमान मना करेगा? बिल्कुल नहीं। उसे खाना और रहने की जगह दी जाएगी। यह हमारी संस्कृति और हमारी तहजीब है। लेकिन कुछ लोग इस संस्कृति को तोड़ना चाहते हैं। उनकी सोच वैसी ही है, जैसी पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने कही थी कि हिंदू और मुसलमान एक साथ नहीं रह सकते। ऐसी सोच को बढ़ावा देकर वे असल में पाकिस्तान के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग नफरत फैलाते हैं, वे पाकिस्तान के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। जब पहलगाम हमला हुआ था, तो पूरा मुस्लिम समुदाय भारत और सरकार के साथ खड़ा था। सबने एक आवाज में पाकिस्तान के खिलाफ बात की। मैंने खुद भी कहा था कि पाकिस्तान को दुनिया के नक्शे से मिटा देना चाहिए। जब हम हिन्दुस्तान में रहते हैं, साथ हैं तो हमसे नफरत क्यों कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात होती है, हम तो नहीं कहते हैं कि भारत इस्लामिक राष्ट्र बनेगा। हमने पाकिस्तान को देख लिया है कि कैसा देश बना है। बांग्लादेश कैसे बना है। नेपाल-श्रीलंका को देखने के बाद भी आप चाहते हो कि भारत हिन्दू राष्ट्र बने।