मैं कश्मीर में बढ़ते आतंकवाद का साक्षी रहा, अब दिखाई दे रहीं सकारात्मक किरणें: पद्म श्री बृज लाल भट

मैं कश्मीर में बढ़ते आतंकवाद का साक्षी रहा, अब दिखाई दे रहीं सकारात्मक किरणें: पद्म श्री बृज लाल भट


जम्मू, 26 जनवरी। जम्मू और कश्मीर के कश्मीरी पंडित समुदाय के समाजसेवी बृज लाल भट को समाज सेवा के क्षेत्र में पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया जाएगा। बृज लाल भट ने इस सम्मान को अपनी संस्था को समर्पित कर दिया है।

आईएएनएस से बातचीत में बृज लाल भट ने पद्म श्री अवार्ड मिलने पर खुशी जताई और कहा कि यह सम्मान मैं ले रहा हूं लेकिन यह सम्मान विवेकानंद रॉक मेमोरियल (कन्याकुमारी) का है। मैं इस संस्था में एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी का मुख्य सेवक हूं। यह सम्मान हमारे सहयोगियों को समर्पित है, जो कश्मीर के उत्थान और शांति के लिए काम करते हैं।

उन्होंने बताया कि कश्मीर में हालात बिगड़ने के बाद हमारा समुदाय वहां से निकल गया और अब वह अपने जड़ों के साथ वापस जुड़ा। हम लोग इसके लिए काम करते हैं। यह सम्मान कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को समर्पित है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी काम कर रहे हैं।

बृज लाल भट ने कहा, मैं बढ़ते आतंकवाद का साक्षी रहा हूं। जब मैं सेवा में था तो ये सब देखता था, लेकिन अब मुझे सकारात्मक किरणें दिखाई दे रही हैं। अब बहुसंख्यक समुदाय के युवाओं में भी परिवर्तन दिखाई दे रहा है। अब अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक समुदाय के युवाओं को आगे आना होगा और उन्हें जिम्मेदारी निभानी होगी।

बृज लाल भट ने कहा कि अब हमें पिछले गियर में नहीं जाना है, बल्कि आगे वाला गियर लगाना होगा। सभी युवा अगर एक साथ और सकारात्मकता के साथ काम करें तो जल्द ही इस क्षेत्र का भविष्य पहले जैसा खिला-खिला दिखाई देगा।

उन्होंने कहा कि पहले देखा जाता था लेकिन संज्ञान नहीं लिया जाता था और आज संज्ञान लिया जाता है। मैं अनंतनाग का रहने वाला हूं। शांति से काम करते हैं। हम जो काम करते हैं, उसमें सम्मान के लिए काम नहीं करते। सम्मान लेकर अगर मैं घमंड करूं तो मेरा काम बेकार हो जाएगा। यह सम्मान मैं उन सभी लोगों के लिए जरूर लूंगा, जो लगातार काम कर रहे हैं।

अपनी चुनौतियों के बारे में बात करते हुए कहा कि यहां पहले सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ ऐसी ताकतें आईं कि हमें आभास ही नहीं हुआ कि कुछ ही महीनों में कश्मीर खाली हो गया। जब कश्मीर से लोग चले गए तो कहानी गढ़ दी गई कि इन्हें जगमोहन ने निकाला। अगर उस वक्त के नेताओं ने कश्मीरी पंडितों का साथ दिया होता तो इसे साधारण घटना माना जाता।

उन्होंने बताया कि आजकल के नौजवानों में यह सोच आ गई है कि पहले जो हुआ वह गलत हुआ। अब हमें इसे सुधारना है। अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक समुदाय के युवा नजदीक आ रहे हैं। सरकार को इसका भी संज्ञान लेना चाहिए और ऐसा हो भी रहा है। कश्मीर के माहौल को सीनियर सिटीजन नहीं बल्कि युवा सुधारेंगे। मुझे खुशी है कि ऐसा हो रहा है।

पत्नी निर्मला भट ने कहा, मुझे बहुत खुशी है। इनकी (बृज लाल भट) पूरी टीम बहुत मेहनत करती है। महीनों कश्मीर में रहते थे। मैंने उन्हें कभी रोका-टोका नहीं। उन्होंने नगड़ंडी में बहुत मेहनत की है।

जम्मू और कश्मीर के बृज लाल भट को उनकी व्यापक सामाजिक सेवा के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया जा रहा है। एक विशिष्ट समाजसेवी के रूप में, उन्होंने योग शिक्षा शिविरों, आध्यात्मिक साधनाओं और भंडारा सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक संस्थानों को मजबूत किया।

समावेशी त्योहारों के माध्यम से सामाजिक एकता को बढ़ावा दिया, बंजर भूमि को सुधारकर सेब और अखरोट के बाग विकसित किए, तथा सांप्रदायिक सद्भाव के लिए निरंतर कार्य किया।
 
बृज लाल भट जी को पद्म श्री मिलने पर बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने सही कहा कि सम्मान के लिए काम नहीं करना चाहिए, बल्कि काम ऐसा हो कि सम्मान खुद चलकर आए। कश्मीर में जिस तरह से उन्होंने 'नगड़ंडी' और सामाजिक एकता के लिए काम किया है, यह पुरस्कार उसका उचित प्रतिफल है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
1,254
Messages
1,265
Members
17
Latest member
RohitJain
Back
Top