अमेरिका और इजरायल के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद UAE को क्यों है भारत के 'आकाशतीर' की जरूरत?

अमेरिका और इजरायल के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम होने के बावजूद UAE को क्यों है भारत के 'आकाशतीर' की जरूरत?


हाल ही में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारत के स्वदेशी 'आकाशतीर' (Akashteer) एयर डिफेंस सिस्टम में गहरी दिलचस्पी दिखाई है।

इस खबर ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जिस देश के पास पहले से ही अमेरिका का थाड (THAAD) और पैट्रियट (Patriot), दक्षिण कोरिया का KM-SAM, इजरायल का बराक (Barak) और स्पाइडर (SPYDER) तथा रूस का पैंटसिर (Pantsir) जैसे दुनिया के सबसे घातक एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं, उसे आखिर एक भारतीय प्रणाली की जरूरत क्यों आन पड़ी?

इसका सटीक जवाब 'आकाशतीर' की असल ताकत और इसकी अत्याधुनिक तकनीक में छिपा है।

'आकाशतीर' क्या है? (यह कोई मिसाइल नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम का 'दिमाग' है)​

आम धारणा के विपरीत, 'आकाशतीर' कोई मिसाइल, रडार या इंटरसेप्टर सिस्टम नहीं है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा विकसित 'आकाशतीर' एक पूरी तरह से स्वचालित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस 'कमांड-एंड-कंट्रोल' (C2) और बैटलफील्ड मैनेजमेंट नेटवर्क है।

इसे आसान भाषा में समझें तो यह एक ऐसा "डिजिटल दिमाग" है जो अलग-अलग रडार, सेंसर और मिसाइल प्रणालियों को एक ही नेटवर्क से जोड़ देता है। इसका काम UAE के मौजूदा हथियारों को बदलना नहीं है, बल्कि उन सभी को एक साथ मिलकर और अधिक तेजी से काम करने के लायक बनाना है।

UAE को इसकी आवश्यकता क्यों है?​

UAE का मौजूदा वायु रक्षा तंत्र बहुत ही ताकतवर है, लेकिन यह कई देशों से खरीदे गए हथियारों का एक मिला-जुला रूप है। इसमें अमेरिकी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस, दक्षिण कोरियाई और इजरायली सिस्टम के साथ-साथ रूसी पॉइंट-डिफेंस प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

समस्या यह है कि इन सभी प्रणालियों को अलग-अलग देशों ने बनाया है, इसलिए इनके संचार के तरीके (Communication Protocols), कमांड स्ट्रक्चर और डेटा शेयरिंग मैकेनिज्म बिल्कुल अलग हैं।

यहीं पर भारत का 'आकाशतीर' एक गेम-चेंजर साबित होता है। एक स्टैंडअलोन रक्षा परत बनाने के बजाय, आकाशतीर एक डिजिटल एकीकरण ढांचे (Digital Integration Framework) के रूप में कार्य करता है।

यह विभिन्न कमांड नोड्स से जानकारी लेता है और कमांडरों के लिए एक रियल-टाइम 'रेकग्नाइज्ड एयर पिक्चर' (RAP) तैयार करता है। सैन्य भाषा में इसका मतलब है कि कमांडर एक ही स्क्रीन पर पूरे युद्धक्षेत्र को देख सकते हैं और सभी खतरों को एक ही इंटरफेस से ट्रैक कर सकते हैं।

ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के दौर में 'संजीवनी'​

आज के आधुनिक युद्ध में सबसे बड़ा खतरा ड्रोन स्वार्म, क्रूज मिसाइल, लॉइटरिंग म्यूनिशन और एक साथ होने वाले सैचुरेशन अटैक (Saturation Attacks) से है।

हाल ही में मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में हुए संघर्षों ने यह साबित कर दिया है कि केवल लंबी दूरी की मिसाइलें होना काफी नहीं है।

सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आपका सिस्टम कितनी तेजी से खतरे को पहचानता है, जानकारी साझा करता है और किस हथियार को उसे नष्ट करने का काम सौंपता है।

UAE के लिए भारत का आकाशतीर एक "कनेक्टिव टिश्यू" (जोड़ने वाली कड़ी) का काम कर सकता है।

अगर एक रडार किसी ड्रोन का पता लगाता है, तो आकाशतीर तुरंत उस जानकारी को प्रोसेस करेगा और नेटवर्क में मौजूद सबसे उपयुक्त मिसाइल को स्वचालित रूप से उसे नष्ट करने का आदेश दे देगा।

इससे न केवल दुश्मन पर पलटवार करने का समय (Reaction Time) कम होता है, बल्कि अपनी ही सेना को गलती से निशाना बनाने का जोखिम भी खत्म हो जाता है।

भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक​

भारत ने 'प्रोजेक्ट आकाशतीर' के तहत अपने सैन्य संचालन को एक नए स्तर पर पहुंचाया है।

यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक है जिसकी विदेशी सैटेलाइट्स पर शून्य निर्भरता है। यह इसरो (ISRO) के अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स और भारत के अपने नेविगेशन सिस्टम (NavIC) के सटीक डेटा का उपयोग करता है।

भारतीय सेना ने इसे अपने वायु रक्षा नेटवर्क में शामिल किया है, जहां इसने जटिल युद्ध स्थितियों में असाधारण रूप से बेहतर परिणाम दिए हैं।

UAE की यह दिलचस्पी दर्शाती है कि आधुनिक युद्धनीति में अब सबसे मूल्यवान संपत्ति वह रडार या इंटरसेप्टर नहीं है जिसकी रेंज सबसे ज्यादा हो, बल्कि वह तकनीक है जो सभी उपलब्ध संसाधनों को एक सुसंगत नेटवर्क में बिना किसी रुकावट के जोड़ सके।

भारत और UAE के बीच इस रक्षा सौदे (defence deal) पर अभी शुरुआती बातचीत चल रही है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से इस बात का प्रमाण है कि भारत अब दुनिया में एक शक्तिशाली 'नेटवर्क-सेंट्रिक' सैन्य तकनीक का प्रदाता बनकर उभर रहा है।
 

Forum statistics

Threads
21
Messages
21
Members
4
Latest member
SK News Desk
Back
Top