नई दिल्ली, 25 जनवरी। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ टिप्पणी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि शकील अहमद को कांग्रेस ने ही मंत्री बनाया। पार्टी पर सवाल उठाने की बजाय इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहिए था।
प्रमोद तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "शकील अहमद को कांग्रेस पार्टी ने सब कुछ दिया। उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया और प्रदेश की बागडोर सौंपी। कांग्रेस ने उनके लिए हर संभव कार्य किया, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाते थे।"
शकील अहमद के कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर प्रमोद तिवारी ने कहा, "आपके अंदर कौन सी ऐसी अतृप्ति रह गई है, जिसके लिए आप पार्टी से अलग-थलग हो गए हैं।"
कांग्रेस सांसद ने शकील अहमद से संयम बरतने का आग्रह करते हुए कहा, "आपको जो कुछ पार्टी ने दिया है, उसके लिए धन्यवाद दें। इस तरह उस पार्टी और उसके नेतृत्व पर, खासतौर से राहुल गांधी पर, गलत बयानबाजी कर रहे हैं, वह आपकी शख्सियत को शोभा नहीं देती है।"
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब शकील अहमद ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन्हें “एक असुरक्षित और डरपोक नेता' बताया। अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी सिर्फ उन्हीं लोगों को बढ़ावा देते हैं जो उनकी तारीफ करते हैं।
इसी बीच, प्रमोद तिवारी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर शशि थरूर के बयान को लेकर कहा, "वह (शशि थरूर) वर्किंग कमिटी के सदस्य हैं। वर्किंग कमेटी का मेंबर कमेटी से बाध्यकारी होता है। उन्हें वर्किंग कमेटी में अपनी बात कहनी चाहिए।"
प्रमोद तिवारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रयागराज पवित्र तीर्थनगरी है और संगम का कण-कण पवित्र है। वहां पर इस विवाद को बातचीत करके जितनी जल्दी हो सके, सुलझा लिया जाना चाहिए। यह प्रयागराज और माघ मेले की पवित्र परंपरा के लिए अच्छा होगा।