चंडीगढ़, 24 जनवरी। पंजाब पुलिस ने राज्य में संगठित अपराध और अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शनिवार को हथियार तस्करी के खिलाफ पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई की जानकारी साझा की।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि अमृतसर स्थित काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) टीम ने एक खुफिया जानकारी आधारित ऑपरेशन में अवैध हथियार तस्करी के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में तीन विदेशी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए, साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। वे कथित तौर पर एक गंभीर आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। इस मामले में अमृतसर के एसएसओसी पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस अब पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने, पीछे और आगे के लिंकों की पहचान करने तथा संभावित सीमा पार कनेक्शनों की जांच कर रही है। खासकर आगामी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को ध्यान में रखते हुए यह जांच और सतर्कता के साथ चल रही है, क्योंकि ऐसे मौकों पर सुरक्षा खतरे बढ़ जाते हैं।
पंजाब पुलिस ने भी इस ऑपरेशन की पुष्टि की है और कहा है कि संगठित अपराध नेटवर्क को जड़ से खत्म करने तथा पूरे पंजाब में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई पंजाब में हाल के महीनों में बढ़ती अवैध हथियार तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता का एक और उदाहरण है।
पंजाब-पाकिस्तान सीमा के निकट होने के कारण अमृतसर जैसे इलाकों में ड्रोन या अन्य माध्यमों से हथियारों की तस्करी की कोशिशें अक्सर सामने आती हैं। विदेशी हैंडलर्स (खासकर पाकिस्तान-आधारित) गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई कर भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करते हैं। इस गिरफ्तारी से पुलिस को न केवल हथियारों का जखीरा मिला है, बल्कि बड़े नेटवर्क तक पहुंचने का सुराग भी मिला है।