भारत एक स्थिर ग्रोथ इंजन, युवाओं के लिए नौकरी का सही समय: हरदीप पुरी

भारत एक स्थिर ग्रोथ इंजन, युवाओं के लिए नौकरी का सही समय: हरदीप पुरी


नई दिल्ली, 24 जनवरी। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि यह समय देश के प्रेरित और आगे बढ़ने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए नौकरी से जुड़ने का सबसे अच्छा मौका है, क्योंकि भारत को एक मजबूत और स्थिर विकास इंजन के रूप में पहचाना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक देशभर में रोजगार मेलों के जरिए 11 लाख से ज्यादा योग्य युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुके हैं, और शनिवार को 45 स्थानों पर आयोजित 18वें रोजगार मेले में 61,000 नियुक्ति पत्र बांटे गए।

पुरी ने कहा कि आज की दुनिया संघर्ष, सप्लाई चेन की समस्याओं और तेज तकनीकी बदलावों से जूझ रही है। ऐसे माहौल में भी प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है, और दुनिया में भारत को एक स्थिर और भरोसेमंद ग्रोथ इंजन के रूप में मान्यता मिल रही है।

उन्होंने कहा कि यह समय भारत के युवाओं के लिए कार्यक्षेत्र में कदम रखने का बिल्कुल सही समय है। उन्होंने दोहराया कि रोजगार मेलों के जरिए देश के युवाओं को बड़े पैमाने पर नौकरियां दी जा रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वह चंडीगढ़ से इस कार्यक्रम में शामिल हुए और कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए 107 युवाओं में से 25 को खुद नियुक्ति पत्र सौंपे।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "जिन विभागों में नियुक्ति हुई, उनमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), असम राइफल्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय शामिल हैं।"

हरदीप पुरी ने अपने करियर की शुरुआत को याद करते हुए बताया कि वह 1974 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय भारत की आबादी लगभग 60 करोड़ थी और देश की नॉमिनल जीडीपी 100 अरब डॉलर से थोड़ी कम थी।

उन्होंने बताया कि उस दौर में देश की कुल आय बहुत कम थी। प्रति व्यक्ति आय भी कुछ सौ डॉलर के आसपास थी। एक विशाल देश और सीमित संसाधन के कारण सरकार के सामने कई चुनौतियां थीं।

मंत्री ने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था खरबों डॉलर की हो चुकी है। बाजार पहले से ज्यादा मजबूत है और संस्थाएं भी सशक्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकारी सेवा का मतलब केवल कमी को संभालना नहीं, बल्कि ईमानदारी और तेजी से क्षमता बनाना है।
 
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