मुंबई, 24 जनवरी। भिवंडी-निजामपुर शहर नगर निगम में समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार) को मिलाकर 'भिवंडी सेक्युलर फ्रंट' बनाने की घोषणा की। विधायक रईस शेख ने कहा कि भिवंडी-निजामपुर शहर नगर निगम के मेयर भिवंडी सेक्युलर फ्रंट से होंगे।
तीनों पार्टी कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार) और समाजवादी पार्टी के नेता एक साथ आए और 'भिवंडी सेक्युलर फ्रंट' बनाने की घोषणा की। भिवंडी पूर्व से सपा विधायक रईस शेख इसके संयोजक हैं। पूर्व कांग्रेस विधायक राशिद मोमिन अध्यक्ष और एनसीपी (शरद पवार) नेता सोहेल गुड्डू सह-संयोजक हैं।
फ्रंट बनाने की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र के अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आजमी ने भिवंडी में एक सेक्युलर गठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की, ताकि गठबंधन का मेयर बन सके। विधायक अबू आजमी ने भिवंडी पूर्व से सपा विधायक रईस शेख को मेयर और नगर निकाय में अन्य वैधानिक पदों पर एक सेक्युलर प्रतिनिधि की नियुक्ति के लिए बातचीत शुरू करने का अधिकार भी दिया।
विधायक रईस शेख ने कहा कि भिवंडी की जनता ने सेक्युलर पार्टियों को अपना जनादेश दिया है। इस जनादेश का सम्मान करते हुए हमने 'भिवंडी सेक्युलर फ्रंट' बनाया है। एकता, भाईचारा और विकास इस फ्रंट की नींव हैं।
उन्होंने आगे कहा, "मैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और विधायक अबू आजमी को उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।"
विधायक रईस शेख ने कहा, "भिवंडी सेक्युलर फ्रंट के जरिए हमारा मकसद भिवंडी-निजामपुर सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में एक सेक्युलर गठबंधन का मेयर बनाना है। यह फ्रंट धर्मनिरपेक्षता और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास के लिए प्रतिबद्ध है। भिवंडी की जनता ने एक ऐतिहासिक जनादेश दिया है। भिवंडी के नागरिकों ने हम पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।"
भिवंडी-निजामपुर सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में 90 कॉर्पोरेटर में से कांग्रेस के पास 30, एनसीपी (शरद पवार) के पास 12 और समाजवादी पार्टी के पास 6 हैं। कुल मिलाकर 48 कॉर्पोरेटर हैं, जो मेयर का पद हासिल करने के लिए जरूरी बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है।