राजस्थान में शीत लहर तेज हुई, लूणकरणसर में तापमान गिरकर 0.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा

राजस्थान में शीत लहर तेज हुई, लूणकरणसर में तापमान गिरकर 0.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा


जयपुर, 24 जनवरी। मौसम में अचानक हुए बदलाव से राजस्थान में कड़ाके की ठंड पड़ गई है। तूफान, बारिश और ओलावृष्टि के बाद पूरे राज्य में तापमान काफी गिर गया है, जिससे लोगों को तेज ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

बीकानेर के लूंकरनसर में शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। शनिवार सुबह तक राज्य के कई इलाकों में जमीन पर बर्फ की मोटी परत दिखाई दी। वहीं सीकर, बाड़मेर, जैसलमेर और शेखावाटी जैसे जिलों में खेतों में पाला जम गया, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

राज्य भर में चल रही ठंडी हवाओं के कारण एक ही दिन में दिन का तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे दिन के समय भी ठंड काफी बढ़ गई।

इस बीच, जयपुर, दौसा, अलवर, उदयपुर और नागौर समेत कई जिलों में शनिवार सुबह से ही ठंडी और बर्फीली हवाएं चल रही हैं। बीच-बीच में धूप निकलने के बावजूद, कड़ाके की ठंड ने लोगों की जिंदगी प्रभावित कर दी है। कई जगहों पर दिन भर घना कोहरा छाया रहा, जिससे सूरज की रोशनी कम हो गई और शीतलहर और तेज हो गई।

मौसम विभाग के अनुसार, 24 और 25 जनवरी को मौसम ज्यादा खराब नहीं रहेगा और अधिकतर साफ रहने की संभावना है। हालांकि, 26 और 27 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में तूफान, बारिश और घना कोहरा आने की संभावना है।

शुक्रवार को जयपुर, सीकर, अजमेर, भरतपुर, अलवर और दौसा समेत 10 से अधिक जिलों में बारिश और गरज के साथ तूफान आया।

कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। बारिश के बाद राज्य भर में तापमान में काफी गिरावट आई। फतेहपुर में 2.3 डिग्री सेल्सियस, सिरोही में 4 डिग्री सेल्सियस, अजमेर में 6.9 डिग्री सेल्सियस और नागौर में 0.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

ठंड का असर खासकर सीमावर्ती जिलों में ज्यादा दिखा। बाड़मेर के ग्रामीण इलाकों में छतों और वाहनों पर बर्फ जमी हुई थी। वहीं जैसलमेर के थारियत गांव में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के कारण वहां के वाहनों पर भी बर्फ जम गई।

सीकर के रानोली और झामावास गांवों में बर्फ की सफेद चादर ने घास और फसलों को ढक दिया, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की चिंता बढ़ गई।

मौसम विभाग के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में लगातार चलने वाली ठंडी हवाएं, पाला और कोहरा रोजमर्रा के जीवन और कृषि को और ज्यादा प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि राजस्थान अभी भी सर्दियों के मौसम के प्रभाव में है।
 
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