पटना, 24 जनवरी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दिनारा सीट से विजय मंडल के टिकट काटे जाने को लेकर विधायक भाई वीरेंद्र के सवाल उठाए जाने पर भाजपा ने इसे पार्टी का अंतर्कलह बताया है। भाजपा का कहना है कि इससे साफ है कि राजद में टिकट कार्यकर्ताओं और नेताओं की क्षमता के मुताबिक नहीं, बल्कि पैसे लेकर दिए गए।
भाजपा के प्रवक्ता नीरज कुमार ने शनिवार को कहा कि भाई वीरेंद्र जैसे अनुभवी नेता का अपनी ही पार्टी के फैसलों पर सवाल खड़ा करना पार्टी के अंतर्कलह को उजागर करता है। यह भी दिखाता है कि राजद ने टिकट वितरण में किस तरह के हथकंडे अपनाए थे। पैसे के बल पर राजद में टिकट बांटे गए थे। भाई वीरेंद्र स्वयं कह रहे हैं, इसी कारण पार्टी की करारी हार हुई।
उन्होंने कहा कि जो राजद ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा कर रहे थे, अब उनके ही अनुभवी विधायक उनके हार के सही कारण को सार्वजनिक रूप से बयान कर रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव से सवाल किया कि क्या वे अब अपना मुंह खोलेंगे और बताएंगे कि उन्होंने टिकट वितरण में कितने पैसे कमाए?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भाई वीरेंद्र दिनारा विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए पार्टी के फैसलों पर खुलकर सवाल करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं और विजय मंडल एक समय एक साथ विधायक रह चुके हैं।
भाई वीरेंद्र का कहना है कि जब आखिरकार यादव समाज के उम्मीदवार को ही टिकट देना था, तो फिर सिटिंग विधायक विजय मंडल का टिकट क्यों काटा गया? उन्होंने सीधे तौर पर पूछा कि विजय मंडल में आखिर ऐसी कौन-सी कमी थी, जिसके कारण पार्टी ने उनका टिकट काटने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि वे पार्टी के भीतर विजय मंडल का टिकट बचाने के लिए पूरी लड़ाई लड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, विजय मंडल का टिकट नहीं काटा जाना चाहिए था, क्योंकि वे एक सिटिंग विधायक थे और क्षेत्र में उनकी पकड़ भी थी।