मुंबई, 24 जनवरी। मुंबई के बांद्रा कोर्ट में कमाल राशिद खान (केआरके) से जुड़े फायरिंग मामले में अहम सुनवाई हुई। कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने बताया कि मामले में दो राउंड फायर किए गए थे और मौके से एक कारतूस भी बरामद किया गया है। हालांकि, फायरिंग के पीछे की मंशा अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है और जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, फायरिंग की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि इससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो सकता था।
वहीं, केआरके के वकील ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक अनजान व्यक्ति ने दो अलग-अलग फ्लैट्स की ओर फायरिंग की थी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि दोनों बिल्डिंग्स के बीच की दूरी लगभग 400 मीटर है, जबकि जिस हथियार का जिक्र किया जा रहा है, उसकी रेंज केवल 20 मीटर है, इससे केआरके पर लगे आरोप संदिग्ध लगते हैं।
कोर्ट में केआरके की ओर से यह भी कहा गया कि वह उस व्यक्ति को नहीं जानते, जिसने फायरिंग की और उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। केआरके ने दावा किया कि फायरिंग का कोई इरादा नहीं था और उनके पास वैध हथियार लाइसेंस है। उन्होंने खुद को एक जाना-माना बिजनेसमैन बताते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों से मुंबई में रह रहे हैं और उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है।
केआरके ने यह भी आरोप लगाया कि वह सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक, पर फिल्मों और फिल्मी हस्तियों पर टिप्पणी करते हैं; इसी वजह से फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग उन्हें गलत तरीके से निशाना बना रहे हैं। उनका कहना है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।
सभी दलीलें सुनने के बाद बांद्रा कोर्ट ने केआरके को 27 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। पुलिस अब इस मामले में फायरिंग की मंशा और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी।
बता दें कि 18 जनवरी को मुंबई के अंधेरी के ओशिवारा स्थित एक रिहायशी इमारत में दो बार गोली चलने की तेज आवाज आई थी। गनीमत रही कि किसी तरह की जानमाल की हानि नहीं हुई। रिहायशी बिल्डिंग में लेखक-निर्देशक नीरज कुमार मिश्रा और मॉडल प्रतीक वैध भी रहते हैं और उन्होंने रात के समय गोली की आवाज सुनी थी।