नई दिल्ली, 14 मार्च। उत्तर प्रदेश में पुलिस उपनिरीक्षक (दारोगा) और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए 14 और 15 मार्च को लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के पहले दिन शनिवार सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की काफी भीड़ देखने को मिली। लखनऊ में भी इस परीक्षा को लेकर प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं।
लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि शहर में कुल 54 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां दो दिनों तक परीक्षा आयोजित होगी। इन दोनों दिनों में चार पालियों में कुल करीब 88 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए प्रशासन की ओर से सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि भर्ती बोर्ड के तय प्रोटोकॉल के मुताबिक हर परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और इनविजिलेटर की तैनाती की गई है। इसके साथ ही हर परीक्षा कक्ष की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। इन कंट्रोल रूम के जरिए लगातार परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा के लिहाज से भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अव्यवस्था न हो सके। इसके अलावा, वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार विभिन्न केंद्रों का दौरा कर पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) बबलू कुमार ने बताया कि परीक्षा को नकलमुक्त और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जिले की सभी पुलिस इकाइयों के साथ-साथ खुफिया एजेंसियां, स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और एसटीएफ की टीमें भी पूरी तरह सक्रिय हैं।
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चल रही है। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और परीक्षा सकुशल संपन्न हो सके।