नासिक, 13 मार्च। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को 60 रुपए की एलपीजी कीमत बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आम जनता को महंगाई के गहरे संकट में धकेल दिया है।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि एलपीजी की कीमत बढ़ाने का फैसला केंद्र सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार को युद्ध को बहाना बनाकर जनता को लूटने के बजाय इस वृद्धि को तुरंत रद्द कर देना चाहिए।
सपकाल ने यह भी मांग की कि प्रधानमंत्री एलपीजी मूल्य मुद्दे पर सभी हितधारकों से चर्चा करें और संसद में इस पर बयान दें।
सपकाल यह बात त्र्यंबकेश्वर में गैस की बढ़ी कीमत और कमी के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान कह रहे थे, जहां प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक सिलेंडरों की अनुपलब्धता के कारण छोटे व्यवसाय, होटल और खाने-पीने की दुकानें बंद होने को मजबूर हो रही हैं।
सपकाल ने कहा, “राज्य में भाजपा-महायुति सरकार ‘प्यारी बहनों’ (लड़की बहिन) को 1,500 रुपए देने का ढोल पीटती है, लेकिन दूसरी तरफ इन्हीं बहनों को भारी महंगाई के जरिए लूट रही है।”
विरोध प्रदर्शन के दौरान, सपकाल ने गैस वितरक के कार्यालय का दौरा कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और सिलेंडर लेने आई महिलाओं से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। महिलाओं ने कीमत वृद्धि पर गहरा रोष जताया।
गैस की कीमत बढ़ोतरी और कमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नागपुर, पुणे, ठाणे, वर्धा, बुलढाणा, गोंदिया (तिरोडा), पालघर, भिवंडी, कल्याण-डोंबिवली, धराशिव, और चंद्रपुर (राजुरा) सहित कई जिलों में भी आयोजित किए गए।
इसी बीच, कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टिवर और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नाना पाटोले ने विद्याभवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रतीकात्मक गैस सिलेंडर उठाकर कीमत वृद्धि को वापस लेने की मांग की।
वहीं, केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उपभोक्ताओं से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पैनिक खरीद से बचने की सलाह दी और कहा कि देशभर में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं।
एक वरिष्ठ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि तेल विपणन कंपनियों के 1 लाख रिटेल आउटलेट्स में किसी भी जगह ईंधन की कमी की कोई घटना नहीं हुई। पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।
अधिकारी ने बताया कि भारत में वर्तमान में लगभग 258 मिलियन टन प्रति वर्ष की रिफाइनिंग क्षमता है और यह विश्व का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब है। देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए किसी आयात की आवश्यकता नहीं है। सभी रिफाइनरियां उच्च स्तर पर काम कर रही हैं। इनमें से कुछ 100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता पर संचालन कर रही हैं।