नई दिल्ली, 13 मार्च। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह 14 मार्च से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाएगी। यह फैसला मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (जेट फ्यूल) की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के बाद लिया गया है।
एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि फ्यूल सरचार्ज 425 रुपए से लेकर 2,300 रुपए तक होगा, जो अलग-अलग रूट के अनुसार तय किया जाएगा।
एयरलाइन के अनुसार, मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस के संचालन खर्च में तेजी से इजाफा हुआ है।
इंडिगो ने कहा, "भारत की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो 14 मार्च 2026 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर फ्यूल चार्ज लागू कर रही है।"
एयरलाइन ने बताया कि इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के जेट फ्यूल मॉनिटर के अनुसार इस क्षेत्र में ईंधन की कीमतों में 85 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण यह कदम उठाना पड़ा है।
इंडिगो ने कहा कि 14 मार्च से सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टिकटों पर यह फ्यूल सरचार्ज लागू होगा। एयरलाइन के अनुसार, जेट फ्यूल की कीमतों में हालिया उछाल से संचालन लागत काफी बढ़ गई है।
इससे पहले एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी फ्लाइट टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा कर चुके हैं।
एयरलाइन समूह के अनुसार, 12 मार्च से घरेलू उड़ानों के टिकट पर 399 रुपए प्रति टिकट का फ्यूल सरचार्ज लागू किया गया है। यही शुल्क दक्षिण एशिया के कुछ गंतव्यों के लिए भी लागू होता है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए गंतव्य के अनुसार यह अतिरिक्त शुल्क अलग-अलग होगा। पश्चिम एशिया के लिए उड़ानों पर प्रति टिकट 10 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा, जबकि अफ्रीका जाने वाले यात्रियों को 30 से 90 डॉलर तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
वहीं, दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए उड़ानों पर 20 से 60 डॉलर तक का फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा।
एयरलाइंस का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण यह सरचार्ज अलग-अलग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि बढ़ती लागत का सामना किया जा सके।