भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद भारत की इकोनॉमी दमदार! फिच ने आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.5% किया

भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत किया


नई दिल्ली, 13 मार्च। जनवरी और फरवरी में आर्थिक गतिविधियों में मामूली मंदी के बावजूद घरेलू मांग के चलते मार्च 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो पहले के 7.4 प्रतिशत के पूर्वानुमान से अधिक है। शुक्रवार को जारी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

फिच रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 में उपभोक्ता खर्च में करीब 8.6 प्रतिशत और निवेश में लगभग 6.9 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है, जो आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी संग्रह, मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन, हवाई यात्रा और डिजिटल भुगतान जैसे हाई-फ्रीक्वेंसी संकेतक बताते हैं कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था में स्थिर गति बनी हुई है।

फिच के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में वैश्विक आर्थिक माहौल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल रही है, जिसका मुख्य कारण घरेलू मांग की मजबूती, सेवा क्षेत्र की बेहतर गतिविधियां और इन्फ्रास्ट्रक्चर में लगातार सरकारी निवेश है।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जनवरी और फरवरी के दौरान पीएमआई सर्वे जैसे आंकड़ों में आर्थिक गतिविधियों के धीमे होने के संकेत दिखाई दिए हैं। इसके बावजूद अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और क्रेडिट ग्रोथ अभी भी दो अंकों में बनी हुई है।

फिच का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में आर्थिक वृद्धि थोड़ी धीमी हो सकती है, क्योंकि बढ़ती महंगाई से लोगों की वास्तविक आय पर दबाव पड़ेगा और उपभोक्ता खर्च की गति सीमित हो सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही, जो पिछली तिमाही के 8.4 प्रतिशत से कम है। इसका कारण यह भी है कि भारत ने जीडीपी का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 कर दिया है।

फिच ने कहा कि कम अवधि में निवेश वृद्धि थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन वित्तीय परिस्थितियों में सुधार और वास्तविक ब्याज दरों में कमी के साथ वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही से इसमें फिर से तेजी आ सकती है।

एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत और 2027-28 में 6.5 प्रतिशत रह सकती है।

फिच ने यह भी कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था 2026 में लगभग 2.6 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है, जो दिसंबर में दिए गए अनुमान से थोड़ा ज्यादा है। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि तेल की कीमतों में हालिया तेजी अस्थायी है या नहीं।

रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि उपभोक्ता खर्च में कमजोर वृद्धि के चलते 2026 में अमेरिका की अर्थव्यवस्था करीब 2.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जबकि चीन की आर्थिक वृद्धि 2025 के 5 प्रतिशत से घटकर 2026 में लगभग 4.3 प्रतिशत रह सकती है।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,208
Messages
16,245
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top