सुबह उठते ही मुंह खट्टा या कड़वा होना देता है पेट से जुड़ी बीमारी का संकेत, जानें क्या है कारण

सुबह उठते ही मुंह खट्टा या कड़वा होना देता है पेट से जुड़ी बीमारी का संकेत, जानें क्या है कारण


नई दिल्ली, 24 जनवरी। सुबह की शुरुआत ताजगी से भरी होती है, क्योंकि रात भर शरीर खुद की मरम्मत करता है, लेकिन क्या हो अगर आप सुबह उठते ही मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद महसूस करें तो?

कई बार खट्टा या कड़वा स्वाद अंदरुनी बुखार का संकेत देता है, लेकिन अगर इस स्वाद का अनुभव रोज हो रहा है, तो ये संकेत हैं कि पेट में समस्या आ चुकी है। मुंह से जुड़ी हर परेशानी का कनेक्शन पेट से होता है। अगर पेट सही है, तो मुंह से जुड़े विकार कम हो जाते हैं।

मुंह के खट्टे या कड़वा स्वाद को आधुनिक चिकित्सा में पेट से जुड़ी गड़बड़ी से जोड़कर देखा गया है। पेट में बढ़ रहा अम्ल मुंह खट्टा या कड़वा होने के पीछे का मुख्य कारण है। इसे आधुनिक चिकित्सा में 'एसिड रिफ्लक्स' कहा जाता है, लेकिन आयुर्वेद इसे पित्त दोष की बीमारी मानता है। आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में पित्त की वृद्धि होती है, तब शरीर में अम्ल बढ़ने लगता है। इससे न सिर्फ पेट से जुड़ी बीमारियां होती है, बल्कि हड्डियों और जोड़ों में भी कमजोरी देखी जाती है।

मुंह के खट्टे या कड़वे स्वाद होने के पीछे कई कारण हैं, जिनमें देर रात खाना खाना, शराब और तंबाकू का सेवन करना, लिवर का सही तरीके से काम न करना, पाचन अग्नि का मंद पड़ जाना और पेट में एसिड का बढ़ जाना शामिल है। पेट में एसिड बढ़ने के पीछे गलत खान-पान और लंबे समय तक भूखा रहना भी शामिल है।

आयुर्वेद में इस परेशानी का भी हल छिपा है। आयुर्वेद में पेट से जुड़ी बीमारियों से निजात पाने के लिए त्रिफला चूर्ण का सेवन सबसे लाभकारी है। रात को गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण लें। यह सुबह पेट साफ रखेगा और पित्त को जड़ से शांत करेगा। रात के भोजन के समय में बदलाव के साथ पेट से अम्ल को कम किया जा सकता है।

देर रात खाना खाने से बचें और सूरज ढलने के समय खाना खा लें। खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न लेटें, कुछ समय घूमें और बाईं करवट लेकर ही सोएं। विज्ञान मानता है कि बाईं करवट सोने से पेट का एसिड ऊपर नली में नहीं चढ़ता और दिल तक रक्त का प्रवाह भी अच्छा बना रहता है।

तांबे का पानी पेट के अम्ल को शांत करने का बेहतरीन उपाय है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो पेट के अम्ल को शांत करने में मदद करती है। इसके लिए रात को तांबे के बर्तन में पानी भरकर रख दें और सुबह पानी का सेवन करें। तांबे का पानी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करेगा।

सौंफ और मिश्री का पानी या खाने के बाद उसका सेवन पाचन को सुधारने में मदद करता है और मुंह से आने वाली दुर्गंध से भी छुटकारा दिलाता है। इसके अलावा, अत्यधिक तनाव और चिंता से दूर रहें। स्ट्रेस में पेट में एसिड का उत्पादन सामान्य से तीन गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
8,575
Messages
8,607
Members
19
Latest member
Jessantict5434
Back
Top