राष्ट्रपति मुर्मू के अयोध्या दौरे पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने किया स्वागत, बोले: राम नगरी आना बड़ा सौभाग्य

अयोध्या मामले में पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने राष्ट्रपति मुर्मु के अयोध्या दौरे का किया स्वागत


अयोध्या, 13 मार्च। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 मार्च को अयोध्या की यात्रा करेंगी। वे हिंदू नव वर्ष के विशेष समारोहों के तहत अयोध्या के राम मंदिर में होने वाले कई धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इस अवसर पर मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि वे हमारे शहर आ रही हैं।

इकबाल अंसारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "अयोध्या एक पवित्र शहर है। यह भगवान राम का शहर है। जिन लोगों का भाग्य अच्छा होता है, उन्हें ही यहां आने का मौका मिलता है। हमें खुशी है कि राष्ट्रपति यहां आ रही हैं। यहां आना उनके लिए भी सौभाग्य की बात है।"

उन्होंने आगे सरकार की तारीफ करते हुए कहा, "अयोध्या शहर को बेहतर बनाना सरकार का काम है। इस शहर में विकास, रोजगार और भाईचारा सब कुछ है।" अंसारी ने यह भी कहा कि देश में ऐसी कोई दूसरी जगह नहीं है जो इंसानियत की इतनी बड़ी मिसाल हो। यहां देवी-देवताओं की पूजा की जाती है।"

अंसारी ने आगे कहा कि लोगों को अयोध्या आना चाहिए और ईश्वर के दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें देश की राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है और यह हमारा सौभाग्य है कि वे हमारे शहर आ रही हैं।"

अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंदिर परिसर की दूसरी मंजिल पर 'श्री राम यंत्र' और 'श्री राम नाम मंदिर' की स्थापना करेंगी और सुबह करीब 9 बजे शुरू होने वाली वैदिक प्रार्थनाओं में हिस्सा लेंगी। ये अनुष्ठान दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के 51 वैदिक विद्वानों की ओर से पुजारी गणेश्वर शास्त्री के नेतृत्व में संपन्न किए जाएंगे।

राष्ट्रपति उन करीब 400 मजदूरों को भी सम्मानित करेंगी, जिन्होंने मंदिर के निर्माण में योगदान दिया है और मंदिर परिसर के बाहरी घेरे (जिसे 'परकोटा' कहा जाता है) में स्थित मंदिरों में से एक पर ध्वजारोहण करेंगी। राष्ट्रपति का काफिला सुबह करीब 11 बजे मंदिर परिसर पहुंचने की उम्मीद है और वे वहां करीब चार घंटे तक रहेंगी।

इस कार्यक्रम में कई धार्मिक और सामाजिक नेताओं, जिनमें आध्यात्मिक गुरु भी शामिल हैं, के हिस्सा लेने की उम्मीद है। इस मौके के लिए करीब 5,000 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, जबकि सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, परिवहन और ठहरने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट की योजना है कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बाद भक्तों के लिए मंदिर परिसर के भीतर स्थित अन्य मंदिरों के दर्शन भी खोल दिए जाएं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 श्रद्धालुओं को पास-आधारित व्यवस्था के माध्यम से परकोटा क्षेत्र के भीतर स्थित मंदिरों में दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,065
Messages
16,102
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top