नई दिल्ली, 13 मार्च। सनातन धर्म में पंचांग का बहुत महत्व है। यह रोजाना के शुभ और अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त की सटीक जानकारी देता है। दृक पंचांग के अनुसार, 14 मार्च शनिवार को चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है।
शनिवार आदि शक्ति, भगवान श्रीराम भक्त हनुमान और सूर्य पुत्र शनिदेव को समर्पित माना जाता है। इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 32 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 29 मिनट पर होगा। दशमी सुबह 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी शुरू हो जाएगी। उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन दशमी तिथि का मान होगा। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 15 मार्च को सुबह 4 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र शुरू होगा। योग वरीयान् सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा और करण विष्टि सुबह 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।
14 मार्च के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 56 मिनट से 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक होगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। अमृत काल रात 9 बजकर 56 मिनट से 11 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। वहीं, निशीथ मुहूर्त 15 मार्च की रात 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 4 बजकर 49 मिनट से 6 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
शुभ के साथ ही अशुभ समय का विचार भी महत्वपूर्ण है। अशुभ काल में नए या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। शनिवार को राहुकाल सुबह 9 बजकर 31 मिनट से 11 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। यमगंड दोपहर 2 बजकर 0 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक होगा। गुलिक काल सुबह 6 बजकर 32 मिनट से 8 बजकर 2 मिनट तक और विडाल योग पूरे दिन सुबह 6 बजकर 32 मिनट से शाम 10 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 6 बजकर 32 मिनट से 7 बजकर 20 मिनट और फिर 7 बजकर 20 मिनट से 8 बजकर 8 मिनट तक होगा। भद्रा भी सुबह 6 बजकर 32 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक है।