9.32 करोड़ किसानों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी जारी करेंगे पीएम किसान की 22वीं किस्त के 18,640 करोड़ रुपए

पीएम मोदी शुक्रवार को जारी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त, 9.32 करोड़ किसानों को 18,640 करोड़ का सीधा लाभ


नई दिल्ली, 12 मार्च। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को असम के गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के रूप में देश के 9.32 करोड़ किसानों के खातों में 18,640 करोड़ रुपए की राशि सीधे तौर पर हस्तांतरित करेंगे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 4 लाख 9 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की जा चुकी है। विशेष रूप से, इसमें 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि अध्ययनों से पता चलता है कि इस सीधी आर्थिक मदद से कृषि निवेश में वृद्धि हुई है और किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कृषि विकास और किसान कल्याण का महायज्ञ निरंतर जारी रहेगा।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कृषि के क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत अब अनाज की कमी वाले देश से निकलकर एक वैश्विक शक्ति बन गया है और यह सरकार की नीति और किसानों की मेहनत के कारण साकार हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत 150 मिलियन टन चावल उत्पादन के साथ चीन को पीछे छोड़कर आज दुनिया में पहले स्थान पर है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने आगे बताया कि 2014 के कुल खाद्यान्न उत्पादन 252 मिलियन टन के मुकाबले आज देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 357 मिलियन टन हो गया है। बागवानी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। फल और सब्जियों का उत्पादन 277 मिलियन से बढ़कर 369 मिलियन टन तक पहुंच गया है। दाल उत्पादन में आज भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। आज भारत दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है। सरकार तुअर, मसूर और उड़द जैसी दालों की रिकॉर्ड खरीदारी कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों की सहायता के लिए सरकार ने 'भारत विस्तार' नामक एक एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का पहला चरण लॉन्च किया है। इसके माध्यम से किसान केवल एक फोन कॉल के जरिए अपनी स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी समस्त जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। पिछले वर्षों में हमने एमएसपी गेहूं, धान, कपास, तिलहन और दलहन की रिकॉर्ड खरीदी की है और किसानों को सस्ते दामों पर खाद खरीदना सुनिश्चित किया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि 2014 में जो कृषि ऋण 8 लाख 45 हजार करोड़ रुपए था, वह अब बढ़कर 28 लाख 69 हजार करोड़ रुपए हो गया है। फसल बीमा योजना के तहत किसानों के खातों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए की क्लेम राशि जमा की गई है। साथ ही बजट में भारी वृद्धि की गई है। यूपीए सरकार के समय का 27,000 करोड़ रुपए का कृषि बजट अब बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपए सालाना से अधिक हो गया है।
 

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