नई दिल्ली, 12 मार्च। दिल्ली पुलिस ने लापता नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद करते हुए परिजनों को सौंप दिया है। लड़की अपने माता-पिता की डांट से आहत होकर घर छोड़कर चली गई थी। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने कई टीमें गठित की और तलाश में जुट गई थी। बेटी को पाकर परिजन बहुत खुश हुए और पुलिस का आभार जताया।
दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय लड़की 25 दिसंबर को प्रशांत विहार थाना क्षेत्र से लापता हो गई थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस की टीम ने पीड़िता के माता-पिता और पड़ोसियों सहित विभिन्न व्यक्तियों से प्राप्त सूचनाओं पर काम किया। तकनीकी निगरानी और जानकारी के आधार पर पीड़िता को दिल्ली के आईएसबीटी कश्मीरी गेट से बरामद कर लिया गया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह 9वीं की छात्रा है। पढ़ाई पर ध्यान न देने के कारण उसकी मां ने गुस्से में आकर उसे डांटा था। इस घटना से दुखी होकर पीड़िता घर छोड़कर चित्रकूट (यूपी) में अपनी नानी के घर चली गई। नानी के उसके माता-पिता के साथ अच्छे संबंध नहीं थे, इसलिए उन्होंने कोई सूचना परिजनों को नहीं दी थी।
इसी बीच सूचना मिली कि पीड़िता चित्रकूट से बस में सवार होकर दिल्ली लौट रही है। इसके बाद टीम ने उसे दिल्ली के आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर ढूंढ लिया। लापता नाबालिग लड़की को कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली के प्रशांत विहार पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी को सौंप दिया गया है।
इसके पहले 3 मार्च को दिल्ली पुलिस ने 28 वर्षीय एक लापता लड़की को सुरक्षित बरामद कर उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया था। 29 अक्टूबर 2025 को इस युवती के लापता होने की शिकायत दर्ज की गई थी। लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने के कारण जांच मुश्किल हो गई थी। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने लापता लड़की को ढूंढने में मदद करने वाली किसी भी जानकारी के लिए 20,000 रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। क्राइम ब्रांच की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और जमीनी स्तर पर गहन जांच के आधार पर लड़की को दिल्ली के झारोदा माजरा, बुराड़ी इलाके से बरामद कर लिया था।