रांची, 11 मार्च। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी बहस हुई। विपक्ष ने जहां राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदहाल बताते हुए सरकार को घेरा, वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की।
चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार के बजट को 'कॉपी-पेस्ट' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल नए भवनों के निर्माण पर ध्यान दे रही है, जबकि अस्पतालों में डॉक्टर और शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।
मरांडी ने कहा कि एयर एम्बुलेंस का प्रचार तो बहुत हो रहा है, लेकिन हकीकत में गांवों में साधारण एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं है और लोग मरीजों को कंधे पर ढोकर ले जाने को मजबूर हैं। बाबूलाल मरांडी ने नगरी क्षेत्र में उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण का भी विरोध किया।
उन्होंने सुझाव दिया कि रिम्स-2 जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए किसानों की उपजाऊ जमीन के बजाय बंजर भूमि का उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने चाईबासा में संक्रमित खून चढ़ाने के मामले की जांच और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए बेहतर सुविधाओं की मांग की। विपक्ष ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी और धान खरीद में बिचौलियों के हावी होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि सरकार जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और खूंटी में पहले चरण में नए मेडिकल कॉलेज खोलेगी। इसके बाद गोड्डा, साहिबगंज और सरायकेला में भी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि रांची के इटकी में रिम्स-2 का निर्माण होगा और ब्राम्बे में एक विशेष मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। इसके अलावा राज्य में 'मेडिको सिटी' विकसित की जाएगी ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए झारखंड के लोगों को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। आम जनता को राहत देने के लिए मंत्री ने एलान किया कि अब राज्य की सभी गर्भवती महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी।
साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती दवाओं के लिए 'अबुआ मेडिसिन स्टोर' खोले जाएंगे। मेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए जल्द ही बड़े पैमाने पर एएनएम और जीएनएम की भर्ती की जाएगी। आधुनिक सुविधाओं के तहत मेडिकल कॉलेजों में पीईटी स्कैन, कैथ लैब और एमआरआई जैसी मशीनें लगाई जाएंगी। आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस नई हाई-टेक एम्बुलेंस खरीदी जाएंगी, जिनका कंट्रोल रूम दुमका और जामताड़ा में होगा।
खाद्य आपूर्ति के मोर्चे पर मंत्री ने कहा कि धान खरीद का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जा रहा है और गरीबों के लिए रियायती दर पर वस्त्र वितरण की योजना जारी रहेगी।