पटना, 11 मार्च। बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बुधवार को कमजोर वर्ग की ओर से मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल-श्रम से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इसके लिए सभी हितधारकों को एक प्लेटफार्म पर काम करने की जरूरत है।
पुलिस महानिदेशक ने इससे पहले मानव-व्यापार निरोध इकाई, कमजोर वर्ग प्रभाग की ओर से सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीजीपी ने कमजोर वर्ग की ओर से मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल-श्रम से संबंधित अपराधों की रोकथाम के किए गए प्रयासों के तहत ऑपरेशन "नया सवेरा" की सफलता और ऐसे मामलों में की गई कार्रवाई की सराहना की।
उन्होंने मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार के उन्मूलन के लिए सभी हितधारकों को एक साथ मिलकर एक प्लेटफार्म पर कार्य करने पर बल दिया। कार्यक्रम के आयोजक, कमजोर वर्ग प्रभाग के अपर पुलिस महानिदेशक, ने बताया कि वर्ष 2025 में मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और बाल-श्रम से संबंधित कुल 506 मामले दर्ज किए गए, जिसमें कुल 1487 पीड़ितों को शोषण से मुक्त कराते हुए 437 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि मानव तस्करी के मामले में जिला पुलिस के मार्गदर्शन के लिए दो मानक कार्य प्रणाली और मानव-व्यापार निरोध इकाई के प्रभारी पुलिस निरीक्षक के कर्तव्य व दायित्वों का निर्धारण और लापता व गुमशुदा बालकों के मामलों में कांड उद्भेदन के लिए मार्गदर्शिका भी कमजोर वर्ग की ओर से निर्गत की गई है।
डीजीपी ने कहा कि राज्य के सभी 44 जिलों (रेलवे सहित) में जिलास्तरीय मानव-व्यापार निरोध इकाई गठित की गई है। मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार के उन्मूलन के लिए तीन हवाई अड्डों में एएचटीयू का गठन किया गया है।
कार्यशाला के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक, एनडीआरएफ पीएम नायर ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के विभिन्न पहलुओं के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से बताया। इस विषय के विशेषज्ञों की ओर से सभी जिलों के नोडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), पुलिस उपाधीक्षक (विशेष अपराध), सभी जिला मानव व्यापार निरोध इकाई के प्रभारी और स्वयंसेवी संस्था को मानव व्यापार निरोध से जुड़े सभी हितधारकों की भूमिका व इससे जुड़े पहलुओं से अवगत कराया गया।
नाबालिग लड़कियों को मानव-व्यापार से रोकथाम और यौन शोषण से मुक्ति अभियान की कार्रवाई के लिए एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑपरेशन "नया सवेरा 2.0" चलाने की घोषणा बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से की गई है, जिसमें मानव व्यापार, बाल श्रम, रेड लाइट एरिया एवं ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से पीड़ित, पीड़िताओं के मुक्ति एवं पुनर्वास के लिए अभियान चलाया जाएगा।