कोलकाता, 11 मार्च। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मालदा उत्तर संसदीय क्षेत्र में भी तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। 2009 में अस्तित्व में आए मालदा उत्तर सीट पर चार बार लोकसभा चुनाव हुए हैं लेकिन बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस एक भी बार खाता नहीं खोल पाई। वहीं, विधानसभा चुनावों में कांग्रेस इस संसदीय क्षेत्र में पिछली बार शून्य पर सिमटकर रह गई। इस बार भी विधानसभा चुनाव में टीएमसी और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर है।
मालदा उत्तर संसदीय क्षेत्र 2009 के लोकसभा चुनाव में अस्तित्व में आया। इससे पहले केवल एक ही निर्वाचन क्षेत्र मालदा था। पश्चिम बंगाल के मालदा से मौजूदा सांसद भारतीय जनता पार्टी के खागेन मुर्मू हैं, जिन्होंने 2019 और फिर 2024 में दूसरी बार जीत हासिल की। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की मौसम नूर को पांच प्रतिशत वोट के अंतर से हराया था। इससे पहले मौसम नूर ने 2009 और 2014 में कांग्रेस के टिकट पर यह सीट जीती थी।
मालदा उत्तर निर्वाचन क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। ये हैं हबीबपुर, मालदा, गाजोल, रतुआ, चंचल, मालतीपुर और हरिश्चंद्रपुर। 2021 के चुनाव में हबीबपुर से भाजपा के जोएल मुर्मु, गाजोल से चिन्मय देव बर्मन और मालदा से गोपाल चंद्र साहा को जीत मिली। वहीं, चंचल से टीएमसी के निहार रंजन घोष, हरिश्चंद्रपुर से तजमुल हुसैन, मालतीपुर से अब्दुर रहीम और रतुआ से समर मुखर्जी ने चुनाव जीता।
हबीबपुर विधानसभा की बात करें तो यहां टीएमसी का कभी खाता नहीं खुला है। 1977 से 2016 तक यहां माकपा का दबदबा रहा और उसके बाद 2019 के उपचुनाव में भाजपा ने पहली बार जीत हासिल की और 2021 में भी सीट को बरकरार रखा। कांग्रेस 1967 में सिर्फ एक जीत हासिल कर पाई। बंगाल की दो प्रमुख पार्टियां टीएमसी और माकपा को मालदा की जनता ने कभी मौका नहीं दिया। 2011 और 2016 में यहां से कांग्रेस को जीत मिली और 2021 में भाजपा पहली बार खाता खोलने में सफल रही।
गाजोल विधानसभा भी माकपा का गढ़ रही है और हबीबपुर की तरह यहां भी कभी टीएमसी को जीत नहीं मिली। 2021 में भाजपा को यहां पहली जीत मिली। चंचल ऐसी विधानसभा सीट है, जहां 2011 और 2016 में कांग्रेस जीती और 2021 में टीएमसी ने परचम लहराया।
हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा पहली जीत तलाश रही है। यहां माकपा को भी कभी जीत नहीं मिली। 2016 में कांग्रेस और 2021 में टीएमसी को यहां जीत मिली। हरिश्चंद्रपुर की तरह मालतीपुर में भी भाजपा अपने पैर नहीं जमा पाई है। तृणमूल कांग्रेस ने 2021 में कांग्रेस से यह सीट छीनी। भाजपा का रतुआ विधानसभा में भी यही हाल है। यहां से समर मुखर्जी 2011 और 2016 में कांग्रेस से जबकि 2021 में टीएमसी के टिकट पर विधायक बने।