रांची, 11 मार्च। जेएमएम झारखंड के महासचिव सुदिव्य कुमार ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की असम यात्रा को लेकर कहा कि जेएमएम को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है और उसका लक्ष्य 12 करोड़ आदिवासियों की सशक्त आवाज बनना है। पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनावों पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
सुदिव्य कुमार ने कहा कि जेएमएम के लिए संभावनाएं तलाशने के लिए हमारे मुख्यमंत्री असम के दौरे पर हैं। जनसमर्थन यह बताता है कि असम की जनता नेतृत्व परिवर्तन चाहती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा एक सकारात्मक नेतृत्व देने का प्रयास करेगा। बंगाल चुनाव पर उन्होंने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय होगा। बंगाल चुनाव का समय नजदीक आने पर पार्टी निर्णय करेगी।
उन्होंने कहा कि असम में जेएमएम के चुनाव पड़ने पर फायदा या नुकसान किसको होगा ये तो समय बताएगा। लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा देश की 12 करोड़ आदिवासी जनता का मुख्य आवाज बनने को तत्पर है। हम हर वह प्रयास करेंगे कि आदिवासियों की आवाज के तौर पर जेएमएम चिह्नित हो।
उन्होंने डीजे मामले पर बात करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने यह आदेश पारित किया है। जिस डीजे के लिए ये लोग परेशान हैं। इनको सबसे पहले कोर्ट में जाकर दरवाजा खटखटाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब पड़ोसी राज्य बिहार में डीजे बंद होता है तो इनको नहीं दिखता है। दिल्ली में रेखा गुप्ता की तरफ से रोक लगाई जाती है तो हिंदू धर्म खतरे में नहीं आता है। लेकिन हाईकोर्ट अगर झारखंड में कोई आदेश पारित करता है और सरकार उसका अनुपालन करती है तो हिंदू खतरे में आ जाता है। उन्होंने कहा कि सवाल संवेदनशील जिलों का है। जिन जिलों में पहले सांप्रदायिक घटनाएं घटी हैं, प्रशासन वहां ज्यादा संवेदनशील और अलर्ट मोड में रहता है। जब राजनीतिक मुद्दे समाप्त हो जाते हैं तो भाजपा के लिए हिंदू खतरे में आ जाता है।