एशिया-प्रशांत में भारत का रियल एस्टेट धमाका! रिपोर्ट ने बताया सबसे तेजी से बढ़ता निवेश केंद्र

भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रियल एस्टेट निवेश का प्रमुख केंद्र बना हुआ है: रिपोर्ट


नई दिल्ली, 11 मार्च। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत रियल एस्टेट निवेश के लिए एक अहम और आकर्षक बाजार के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। बुधवार को जारी कॉलियर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में भारत ने इस क्षेत्र के नौ प्रमुख बाजारों में रियल एस्टेट निवेश के मामले में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की है।

कॉलियर्स की इस रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत के नौ प्रमुख बाजारों में 2025 के दौरान कुल रियल एस्टेट निवेश 162 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल के दूसरे हिस्से में निवेश गतिविधियों में तेजी आई, क्योंकि खरीदार और विक्रेता कीमतों को लेकर एक-दूसरे के करीब आए।

रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर और भारत में सालाना आधार पर सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। सिंगापुर में निवेश 35 प्रतिशत और भारत में 29 प्रतिशत बढ़ा, जो बेहतर बाजार स्थितियों और निवेश के बढ़ते अवसरों को दर्शाता है।

कॉलियर्स इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर बादल याग्निक ने कहा कि एशिया-प्रशांत के अधिकांश बाजारों में घरेलू पूंजी निवेश गतिविधियों को आगे बढ़ा रही है, वहीं भारत में विदेशी निवेशकों की भागीदारी भी काफी मजबूत रही, जिसमें 8.5 अरब डॉलर के निवेश में से करीब 43 प्रतिशत हिस्सा विदेशी निवेशकों का रहा।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो, ऑफिस प्रॉपर्टी में निवेश सबसे ज्यादा रहा। इसकी वजह उच्च गुणवत्ता वाले और अच्छी लोकेशन वाले ऑफिस स्पेस की लगातार मांग और प्रमुख केंद्रीय व्यापार क्षेत्र (सीबीडी) स्थानों में सीमित नई आपूर्ति रही।

वहीं, रिटेल सेक्टर में भी निवेश तेज हुआ और यह सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ा। बेहतर एसेट प्रदर्शन और उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। इसके अलावा, वैकल्पिक एसेट क्लास सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर बनकर उभरा, जहां संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग देखी गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में भी भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश मजबूत बने रहने की संभावना है। इसकी वजह देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं और उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियों की लगातार मांग है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और चल रही अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं का असर भी निवेश पर नजर रखने वाला अहम कारक रहेगा।

कॉलियर्स इंडिया के रिसर्च के नेशनल डायरेक्टर विमल नाडार ने कहा कि एशिया-प्रशांत के अधिकांश बाजारों, खासकर भारत में, संस्थागत निवेशकों की पहली पसंद ऑफिस सेक्टर ही बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि 2025 में नौ प्रमुख एशिया-प्रशांत बाजारों में से पांच में रियल एस्टेट निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा ऑफिस सेक्टर का रहा। भारत में ही साल 2025 के दौरान ऑफिस प्रॉपर्टी में करीब 4.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल संस्थागत निवेश का आधे से अधिक हिस्सा है।
 

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