निशिकांत दुबे ने उद्धव को लपेटा: कहा, '1969 की साजिश के बाद बालासाहेब ने कांग्रेस से दूरी बनाई, तुमने तोड़ी कसम!'

कांग्रेस संग गठबंधन पर सवाल : निशिकांत दुबे ने उद्धव को याद दिलाई 'बालासाहेब के खिलाफ रची गई साजिश'


नई दिल्ली, 11 मार्च। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने सत्ता के लिए विचारधारा की तिलांजलि दी। इस दौरान, निशिकांत दुबे ने 56 साल पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 1969 में बालासाहेब ठाकरे की हत्या की साजिश रची गई थी।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "शिवसेना उद्धव कुछ तो शर्म करो। बालासाहेब ठाकरे और उनकी हत्या की साजिश 1969 में रची गई। उनका रिवॉल्वर लाइसेंस केंसिल करने के लिए संसद में प्रश्न पूछे गए। साजिश की जानकारी होने के बाद बालासाहेब ठाकरे ने शपथ ली कि वे अपने जीवन में कभी कांग्रेस के साथ नहीं जाएंगे। सत्ता के लिए विचारधारा की तिलांजलि।"

निशिकांत दुबे ने बालासाहेब ठाकरे की रिवॉल्वर लाइसेंस और घटनाक्रम से जुड़े सवाल के जवाब की एक लिखित कॉपी भी शेयर की। इसके अनुसार, गृह-कार्य मंत्री से सवाल किए गए थे कि क्या सरकार ने शिवसेना के नेता बाल ठाकरे को रिवॉल्वर रखने की अनुमति दे रखी है? क्या यह सच है कि बाल ठाकरे ने हाल में बंबई (मुंबई) में गोलियां चलाई थीं? अगर हां, तो उस घटना का ब्योरा क्या है और उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है?

गृह-कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री विद्याचरण शुक्ल ने लिखित जवाब दिया था, "महाराष्ट्र सरकार से प्राप्त सूचना के अनुसार बाल ठाकरे के पास पिस्तौल रखने के लिए वैध लाइसेंस है।"

उन्होंने जवाब में कहा था, "26 सितम्बर 1969 को रात को बाल ठाकरे चार व्यक्तियों के साथ अपने घर लौट रहे थे। तब एक मोटर टैक्सी बाईं ओर से लापरवाही से उनकी कार के आगे निकली। जब टैक्सी एक रेस्टोरेंट के सामने रुकी तो बाल ठाकरे के ड्राइवर ने उस टैक्सी चालक के पास जाकर विरोध जताया था। लेकिन टैक्सी चालक ने बाल ठाकरे के ड्राइवर पर प्रहार किया। अन्य टैक्सी चालक भी उस पर प्रहार करने लगे थे। इसी बीच, बाल ठाकरे कार से उतरकर गए और ड्राइवर को बचाने की कोशिश की।"

निशिकांत दुबे की ओर से शेयर किए गए लिखित जवाब में विद्याचरण शुक्ल ने कहा, "टैक्सी चालक और उसके सहयोगियों ने बाल ठाकरे पर भी प्रहार कर दिया था। अपने जीवन को खतरे में समझकर ठाकरे ने भीड़ को डराने के लिए अपनी पिस्तोल से गोली चलाई। उसके बाद पुलिस उप-निरीक्षक को मामले की सूचना दी गई। ली चलने के कारण न तो कोई जख्मी हुआ और न किसी संपत्ति की हानि हुई। ठाकरे के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई, क्योंकि उसकी ओर से कोई अपराध नहीं बताया गया।"
 

Trending Content

Forum statistics

Threads
15,815
Messages
15,852
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top