नई दिल्ली, 11 मार्च। हर दिन नई तिथि और मुहूर्त के साथ आता है, और हिंदु सनातन धर्म में मुहूर्त और विशेष तिथि का बहुत महत्व है।
बिना तिथि और शुभ मुहूर्त के नया कार्य नहीं किया जाता। 12 मार्च का दिन शुभ रहने वाला है क्योंकि वार गुरुवार को भद्रा का साया नहीं रहेगा। इसके साथ ही गुरुवार को मासिक त्योहार भी नहीं है। तिथि की बात करें तो 12 मार्च के दिन सुबह 6 बजकर 28 मिनट तक नवमी रहेगी, उसके बाद दशमी लग जाएगी। तो चलिए 12 मार्च के शुभ और अशुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानते हैं।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो 12 मार्च को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से लेकर 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर 6 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। अमृत काल मुहूर्त शाम 5 बजकर 26 मिनट से लेकर दोपहर 7 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। वहीं विजय मुहूर्त 12 मार्च को दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से लेकर 3 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 58 मिनट से लेकर 5 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
अशुभ मुहूर्त की बात करें तो राहुकाल दोपहर 2 बजकर 1 मिनट से लेकर 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 9 बजकर 34 मिनट से लेकर 11 बजकर 3 मिनट तक रहेगा, जबकि यमगण्ड काल सुबह 6 बजकर 35 मिनट से लेकर 8 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 33 मिनट से लेकर 11 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। आडल योग 12 मार्च का मुहूर्त सुबह 12 बजकर 43 मिनट से लेकर 6 बजकर 34 मिनट तक रहेगा।
बात अगर सूर्योदय की करें तो सूर्योदय सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 28 मिनट पर होगा, जबकि चन्द्रोदय सुबह 2 बजकर 45 मिनट (13 मार्च) पर होगा और अगले दिन दोपहर 12 बजे तक रहेगा। गुरुवार के दिन दिशाशूल दक्षिण दिशा में रहेगा। 12 मार्च को कोई मासिक त्योहार नहीं है। इस दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करने की योजना न बनाए।