भोपाल, 10 मार्च। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को एनएच-752डी के बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सेक्शन को 3,839 करोड़ रुपए की लागत से फोर-लेन करने की मंजूरी देने के लिए केंद्रीय कैबिनेट का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के टिमरवानी इंटरचेंज तक सीधी चार-लेन कनेक्टिविटी देगा।
उन्होंने इसे एक अहम प्रोजेक्ट बताया जिससे इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास के इंडस्ट्रियल सेंटर तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा, साथ ही धार और झाबुआ जिलों का पूरा आर्थिक विकास भी पक्का होगा।
मुख्यमंत्री यादव ने एक बयान में कहा, "यह मंजूरी और भी अहम हो जाती है क्योंकि इससे सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं का आना-जाना आसान हो जाएगा। इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कैबिनेट का दिल से शुक्रिया।"
उन्होंने 'जल जीवन मिशन' का समय दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और कुल लागत बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपए करने के केंद्रीय कैबिनेट के फैसले का भी स्वागत किया, इससे 'हर घर को पानी' के संकल्प को नई तेजी मिलेगी।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी ने मंगलवार को बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी सेक्शन से 80.45 किलोमीटर लंबे चार-लेन कॉरिडोर के डेवलपमेंट को मंजूरी दी।
प्रस्तावित चार-लेन प्रोजेक्ट कॉरिडोर का मुख्य मकसद यात्रा की कुशलता में सुधार करना है और इससे यात्रा का समय लगभग एक घंटा कम होने की उम्मीद है।
70.40 किमी लंबे उज्जैन-बदनावर सेक्शन को पहले ही दो-लेन से चार-लेन में अपग्रेड किया जा चुका है।
टिमरवानी-थांदला-पेटलावद-बदनावर-उज्जैन कॉरिडोर गुजरात और महाराष्ट्र से उज्जैन के लिए ट्रैफिक का सबसे छोटा रास्ता है।
टिमरवानी-बदनावर सेक्शन के अपग्रेडेशन से इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ट्रैफिक का कुशल मूवमेंट हो सकेगा। इस बेहतर लिंकेज से लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, कच्चे माल और तैयार माल की कुशल आवाजाही आसान होगी और इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास में मौजूद इंडस्ट्रियल हब/मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तक पहुंच मजबूत होगी।
प्रस्तावित प्रोजेक्ट हाई स्पीड कनेक्टिविटी देता है जिसे बेहतर सुरक्षा और बिना रुकावट ट्रैफिक मूवमेंट के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यात्रा का समय, भीड़भाड़ और ऑपरेटिंग लागत कम होगी।