सीतामढ़ी, 10 मार्च। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को सीतामढ़ी जिले के एक ग्राम पंचायत के मुखिया को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि सीतामढ़ी जिले के कौड़िया लालपुर पंचायत के मुखिया अवधेश साह को डूमरा कोर्ट कैंपस, दुर्गा मंदिर के बगल से 16 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है।
बताया गया कि रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के कोदनिया के रहने वाले अजय कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि नल-जल योजना में चार अनुरक्षकों का मानदेय भुगतान किए जाने के बाद आगामी किस्त दिए जाने के एवज में मुखिया अवधेश साह द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। ब्यूरो द्वारा प्राप्त शिकायत का सत्यापन कराया गया एवं सत्यापन के क्रम में यह आरोप सत्य पाया गया। इसके बाद उपरोक्त आरोप की एक प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक शिव कुमार साह के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया।
योजना के तहत मंगलवार को अजय कुमार को मुखिया को रिश्वत देने के लिए भेजा गया। बताया गया कि जैसे ही मुखिया ने 16 हजार रुपए रिश्वत के रूप में स्वीकार किए, मौके पर पहले से मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी कोर्ट परिसर के ठीक बाहर की गई, जिससे वहां मौजूद लोगों के बीच काफी हलचल मच गई। कार्रवाई के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी मुखिया को अपने साथ ले गई।
फिलहाल, उससे पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पूछताछ के बाद निगरानी की विशेष अदालत में आरोपी को पेश किया जाएगा। इस वर्ष निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ 30 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें यह ट्रैप संबंधी 26वां मामला है। अभी तक कुल 19 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।