खराब सिबिल स्कोर ने रोकी लोन की राह? परेशान न हों, इन आसान तरीकों से तुरंत सुधारें अपनी वित्तीय साख

बाजार की पाठशाला: आपका भी सिबिल स्कोर खराब है और लोन लेने में दिक्कत आ रही है? ऐसे आसानी से कर सकते हैं ठीक


नई दिल्ली, 10 मार्च। आज के समय में अगर आपको लोन, क्रेडिट कार्ड या किसी भी तरह की वित्तीय सुविधा लेनी है, तो सबसे पहले बैंक आपका सिबिल (सीआईबीआईएल) स्कोर चेक करता है। यह एक तीन अंकों का नंबर होता है, जो 300 से 900 के बीच रहता है। यह स्कोर बताता है कि आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान कितनी जिम्मेदारी से किया है।

आम तौर पर 750 या उससे अधिक का सिबिल स्कोर अच्छा माना जाता है, जबकि इससे कम स्कोर होने पर बैंक आपको जोखिम वाला ग्राहक मान सकते हैं। ऐसे में लोन मिलने में परेशानी हो सकती है या फिर ज्यादा ब्याज दर चुकानी पड़ सकती है।

जानकारों का कहना है कि अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है, तो इसका सीधा असर आपकी वित्तीय साख पर पड़ता है। सबसे पहले बैंक और वित्तीय संस्थान लोन या क्रेडिट कार्ड देने से मना कर सकते हैं, खासकर जब स्कोर 650 से नीचे हो। अगर लोन मिल भी जाए, तो बैंक आमतौर पर ज्यादा ब्याज दर वसूलते हैं।

इसके अलावा, अगर आपको क्रेडिट कार्ड मिलता भी है, तो उसमें क्रेडिट लिमिट कम दी जाती है, जिससे आपकी खर्च करने की क्षमता सीमित हो जाती है। खराब स्कोर की वजह से होम लोन या कार लोन लेना भी मुश्किल हो सकता है, जिससे आपके बड़े वित्तीय लक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।

जानकारों के अनुसार, कुछ मामलों में बीमा कंपनियां भी खराब क्रेडिट स्कोर वाले लोगों से ज्यादा प्रीमियम मांग सकती हैं। साथ ही आपको प्रीमियम क्रेडिट कार्ड, अच्छे रिवॉर्ड्स या खास ऑफर भी नहीं मिल पाते। कई बड़ी कंपनियां नौकरी के लिए उम्मीदवारों की क्रेडिट रिपोर्ट भी देखती हैं, इसलिए खराब स्कोर कभी-कभी रोजगार के अवसरों को भी प्रभावित कर सकता है।

अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में आपको आसानी से लोन और बेहतर वित्तीय सुविधाएं मिलें, तो आपका सिबिल स्कोर 700 से ऊपर होना चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप लोन की ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान हमेशा समय पर करें।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिबिल स्कोर तुरंत ठीक नहीं होता, लेकिन कुछ आसान आदतों को अपनाकर इसे धीरे-धीरे बेहतर बनाया जा सकता है।

सबसे पहले, ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल का समय पर भुगतान करना जरूरी है। भुगतान में एक दिन की देरी भी स्कोर को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए बिल भूलने से बचने के लिए ऑटो-पे की सुविधा सेट करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

दूसरा, आपको अपने क्रेडिट उपयोग अनुपात (सीयूआर) को कम रखना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, अपनी कुल क्रेडिट सीमा का 30 प्रतिशत से अधिक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आपकी क्रेडिट लिमिट 1 लाख रुपए है, तो कोशिश करें कि 30 हजार रुपए से ज्यादा खर्च न करें।

तीसरा, बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से बचें। हर बार आवेदन करने पर बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करता है, जिसे 'हार्ड इन्क्वायरी' कहा जाता है, और इससे आपका स्कोर कम हो सकता है।

चौथा, पुराने क्रेडिट खातों को बंद करने से बचें। आपका क्रेडिट इतिहास जितना पुराना होगा, उतना ही आपका स्कोर बेहतर माना जाता है। इसलिए पुराने क्रेडिट कार्ड या लोन अकाउंट को सक्रिय रखना फायदेमंद हो सकता है।

इसके अलावा, समय-समय पर अपनी सिबिल रिपोर्ट जरूर चेक करें। अगर उसमें कोई गलत जानकारी दिखाई देती है, जैसे भुगतान करने के बाद भी बकाया दिखना, तो आप सिबिल की डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के जरिए उसे ठीक करवा सकते हैं।

सिबिल स्कोर को आमतौर पर तीन श्रेणियों में देखा जाता है। 750 से 900 के बीच का स्कोर उत्कृष्ट माना जाता है और इस पर लोन मिलना आसान होता है। 650 से 750 के बीच का स्कोर अच्छा माना जाता है, जबकि 300 से 600 के बीच का स्कोर खराब माना जाता है और इस स्थिति में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपका सिबिल स्कोर बहुत कम है और कोई बैंक आपको क्रेडिट कार्ड नहीं दे रहा है, तो आप फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के बदले सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं। इस कार्ड का जिम्मेदारी से उपयोग करके और समय पर भुगतान करके आप धीरे-धीरे अपना क्रेडिट स्कोर बेहतर बना सकते हैं।
 

Similar threads

Forum statistics

Threads
15,050
Messages
15,087
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top