भुवनेश्वर, 9 मार्च। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जन जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार के लगातार प्रयासों के बावजूद साइबर अपराधी ओडिशा में लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपए की ठगी कर रहे हैं।
ओडिशा विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को बताया कि 1 जून 2024 से 31 दिसंबर 2025 के बीच राज्य के विभिन्न पुलिस थानों में साइबर अपराध के 4,238 मामले दर्ज किए गए, जिनमें कुल 260.61 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी हुई।
सीएम के मुताबिक, दर्ज मामलों में 2,482 मामले वित्तीय धोखाधड़ी, 1,689 मामले सोशल मीडिया धोखाधड़ी, 14 मामले हैकिंग और 53 मामले अन्य प्रकार की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों के दौरान ओडिशा पुलिस ने 868 साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनमें वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में 172, सोशल मीडिया धोखाधड़ी में 638, हैकिंग से जुड़े मामलों में एक और अन्य प्रकार की साइबर धोखाधड़ी में 57 आरोपी शामिल हैं।
हालांकि, इस अवधि में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी गई 260.61 करोड़ रुपए की राशि में से पुलिस केवल 61.36 लाख रुपए ही बरामद कर पीड़ितों को वापस कर सकी है, जबकि 8.89 करोड़ रुपए की राशि को फ्रीज कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर जून से दिसंबर 2024 के बीच 27,368 शिकायतें और पूरे 2025 में 49,426 शिकायतें दर्ज हुईं। पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून 2024 से 31 दिसंबर 2025 के बीच साइबर ठगों ने लोगों से 711.99 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की।
उन्होंने कहा कि 1 जून से 31 दिसंबर 2024 के दौरान दर्ज मामलों में से पीड़ितों को 2.47 करोड़ रुपए वापस किए गए, जबकि वित्तीय संस्थानों और भुगतान मध्यस्थों के साथ समन्वय के जरिए 23.64 करोड़ रुपए संदिग्ध खातों में फ्रीज किए गए।
सीएम के मुताबिक, वर्ष 2025 में लगातार कार्रवाई के चलते शिकायतकर्ताओं को 5.31 करोड़ रुपए वापस दिलाए गए, जबकि समय रहते धोखाधड़ी वाले खातों की पहचान कर 68.71 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई, जिससे धन के दुरुपयोग को रोका जा सका और पीड़ितों के हितों की रक्षा की गई।