लुरिंज्योति गोगोई का कांग्रेस को तीखा सवाल: 'क्या असम में कोई असमिया बाहरी हो सकता है?' असमिया अपमान पर भड़के नेता

'क्या असम में कोई असमिया बाहरी हो सकता है?': लुरिंज्योति गोगोई ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को करारा जवाब दिया


गुवाहाटी, 8 मार्च। असम जातीय परिषद अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई ने रविवार को कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर उन्हें 'बाहरी नेता' और 'निर्जन नेता' बताने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां न केवल निराधार हैं बल्कि असम की जनता का अपमान भी करती हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी के राज्य और केंद्रीय नेतृत्व ने लुरिंज्योति गोगोई की क्षेत्रीय पार्टी के साथ सीट बंटवारे का फार्मूला लगभग तय कर लिया है, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक वर्ग एजेपी नेता को निशाना बनाना जारी रखे हुए है।

यहां पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने आरोपों के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया और कहा कि असम के किसी व्यक्ति को राज्य के भीतर ही बाहरी कहना तर्कहीन और अपमानजनक है।

उन्होंने पूछा कि क्या असम का कोई व्यक्ति असम में बाहरी हो सकता है? उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां व्यक्तिगत आलोचना से कहीं बढ़कर असमिया लोगों की सामूहिक भावनाओं और पहचान का अपमान हैं।

यह विवाद तब सामने आया जब कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं ने कथित तौर पर गोगोई को बाहरी नेता बताया।

हालात तब और बिगड़ गए जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कथित तौर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उनका पुतला जला दिया।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एजेपी प्रमुख ने कहा कि उन्हें विरोध प्रदर्शन पर कोई खेद नहीं है और उनका मानना है कि यह कृत्य असम की जनता की भावनाओं के प्रति घोर उपेक्षा को दर्शाता है।

गोगोई ने कहा कि उन्होंने मेरा पुतला नहीं जलाया, उन्होंने असम की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आगे कहा कि जनता अंततः ऐसे कृत्यों का अपने तरीके से जवाब देगी।

राजनीतिक विवाद के बीच, गोगोई ने आगामी चुनावों से पहले राज्य में विपक्षी एकता की व्यापक आवश्यकता पर भी जोर दिया।

एक मजबूत विपक्षी मोर्चे के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा विरोधी ताकतों के बीच सहयोग एक प्रभावी राजनीतिक चुनौती पेश करने के लिए आवश्यक है।
 

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