तेल अवीव, 8 मार्च। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान में 400 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है। इनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और हथियार बनाने वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इजराइली रक्षा बल (आईडीएएफ) के मुताबिक, वायुसेना ने पिछले 24 घंटों में पश्चिमी और मध्य ईरान में कई बड़े हमले किए। इस दौरान मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणालियों, हथियार भंडारण केंद्रों और अन्य सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
आईडीएफ के अनुसार यह कार्रवाई ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के तहत की जा रही है। इस ऑपरेशन के दौरान इजराइली वायुसेना अब तक सैकड़ों स्ट्राइक मिशन पूरा कर चुकी है।
वहीं, ईरान की राहत संस्था ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में बड़ी संख्या में रिहायशी इमारतें नष्ट हो गई हैं। संगठन के अनुसार अब तक 9,669 नागरिक इकाइयां पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं।
संस्था द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 7,943 रेसिडेंशियल और 1,617 कमर्शियल बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा है।
रेड क्रिसेंट का कहना है कि इन हमलों से देश के कई शहरों में आम लोगों के घर और व्यापारिक ढांचे पूरी तरह तहस-नहस हो गए हैं। इससे पहले भी संगठन ने बताया था कि हजारों घरों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है।
ईरान की राजधानी तेहरान के 3 तेल भंडारण ठिकानों पर इजरायली ने हमला किया था। जिसके बाद आसमान काले धुएं से पट गया। इसे लोगों की सेहत के लिहाज से भी काफी गंभीर माना जा रहा है। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने तेल प्लांट में धमाकों के बाद जहरीली बारिश के खतरे की चेतावनी दी है।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) ने आम लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। सोसाइटी ने कहा है कि तेल प्लांट में धमाकों के बाद बारिश जहरीली हो सकती है। ऐसी बारिश से स्किन पर केमिकल बर्न हो सकता है और फेफड़ों को नुकसान हो सकता है।
टेलीग्राम पोस्ट में, एजेंसी ने निर्देश दिए कि धमाकों के बाद हुई बारिश के दौरान किसी भी हालत मे अपने घर से न निकलें। अगर बाहर हैं, तो तुरंत कंक्रीट या मेटल की छतों के नीचे पनाह लें और पेड़ों के नीचे पनाह लेने से बचें। वहीं, अगर बारिश स्किन के संपर्क में आती है, तो किसी भी हालत में प्रभावित जगह को रगड़ें नहीं और उसे सिर्फ ठंडे पानी से धोएं।